अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थन में बयान देकर चुनावी माहौल में नई चर्चा छेड़ दी है। 27 अक्टूबर को होने वाले आम चुनाव से पहले ट्रंप ने इजरायली मतदाताओं से नेतन्याहू को दोबारा प्रधानमंत्री चुनने की अपील की। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ जो अभियान शुरू किया था, उसे अभी पूरा किया जाना बाकी है। ट्रंप के इस बयान को इजरायल की घरेलू राजनीति और क्षेत्र में जारी तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है।
ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर नेतन्याहू की तारीफ
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट साझा कर नेतन्याहू के प्रति अपना समर्थन जताया। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच करीबी संबंधों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाइयों से ईरान की सैन्य क्षमताओं को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, इन अभियानों का असर ईरान की नौसेना, वायुसेना और अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। उन्होंने इजरायली मतदाताओं से अपील की कि वे मतदान के दौरान नेतन्याहू के नेतृत्व और उनके फैसलों को ध्यान में रखें। ट्रंप ने संकेत दिया कि नेतन्याहू के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ अभियान को आगे बढ़ाया जा सकता है।
बहुमत जुटाना नेतन्याहू के लिए बड़ी चुनौती
इजरायल का आगामी आम चुनाव नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव से पहले जारी कई सर्वेक्षणों में उनके गठबंधन को संसद में बहुमत के आंकड़े से पीछे दिखाया गया है।
इजरायल की संसद में कुल 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। ऐसे में चुनावी मुकाबले के दौरान गठबंधन की स्थिति और अन्य राजनीतिक दलों का रुख अहम भूमिका निभा सकता है।
ईरान का मुद्दा चुनावी बहस के केंद्र में
चुनाव से पहले नेतन्याहू ने भी ईरान से जुड़े सुरक्षा खतरे को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई की मदद से तैयार की गई एक तस्वीर साझा की थी। इसमें तेल अवीव में परमाणु विस्फोट जैसा दृश्य दिखाया गया था। नेतन्याहू ने ईरान से जुड़े खतरे को इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर मुद्दा बताया।
वहीं, विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने पर जोर देना चुनाव में राजनीतिक समर्थन हासिल करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। नेतन्याहू ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
अमेरिकी समर्थन और सुरक्षा मुद्दों पर टिकी निगाहें
ट्रंप का खुला समर्थन इजरायल के चुनावी माहौल में चर्चा का विषय बन गया है। उनके बयान में नेतन्याहू के नेतृत्व और ईरान के खिलाफ कार्रवाई को प्रमुखता दी गई है। दूसरी ओर, चुनाव में नेतन्याहू के गठबंधन की स्थिति, विपक्ष की रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे मतदाताओं के रुख को प्रभावित करने वाले विषय बने हुए हैं।

