केंद्र सरकार की ‘स्वच्छता ही सेवा’ और ‘स्क्रैप से वेल्थ’ पहल के तहत एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है। सरकारी विभागों ने देशभर में पड़े कबाड़ की बिक्री कर अरबों रुपये की कमाई की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक की कुल बिक्री से जो राजस्व जुटाया गया है, उससे करीब 7 वंदे भारत ट्रेनों की खरीद की जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने मंत्रालयों और सरकारी कार्यालयों में पड़े पुराने फर्नीचर, बेकार इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, फाइलों और अन्य अनुपयोगी वस्तुओं को नीलाम कर यह रकम हासिल की। यह अभियान न केवल सरकारी दफ्तरों को साफ-सुथरा बनाने में मददगार रहा, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी लाभदायक साबित हुआ है।
इस पहल के बाद सरकार अब इसे सालाना अभ्यास के रूप में लागू करने पर विचार कर रही है, ताकि बेकार पड़े संसाधनों का दोबारा उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कई मौकों पर ‘स्क्रैप से वेल्थ’ मिशन को देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया है।