चित्रकूट : हालिया बाढ़ से प्रभावित लोगों की मुश्किलें अभी खत्म भी नहीं हुई थीं कि तेज बारिश ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। रविवार रात हुई लगातार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर चढ़ा और नदी ने खतरे के निशान को पार कर लिया।
जलस्तर लाल निशान से करीब दो मीटर ऊपर पहुंचने के बाद नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया। स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश प्रशासन ने तत्काल निगरानी बढ़ा दी।
बारिश के बाद तेजी से बढ़ा नदी का पानी
मंदाकिनी में अचानक पानी बढ़ने के कारण नदी के आसपास बसे इलाकों में फिर बाढ़ की आशंका पैदा हो गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और लोगों को नदी तथा निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी।पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत और बचाव संसाधनों को तैयार रखा गया है।
पहली बाढ़ का नुकसान अभी भी लोगों के सामने
चित्रकूट में कुछ दिन पहले आई बाढ़ ने कई गांवों और बस्तियों को प्रभावित किया था। बड़ी संख्या में लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। पानी उतरने के बाद लोग अपने घरों में लौटकर कीचड़ साफ करने और खराब सामान को समेटने में जुटे थे।ऐसे में दोबारा नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई परिवारों को आशंका है कि अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो उन्हें फिर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ सकता है।
यूपी और एमपी प्रशासन ने बढ़ाया तालमेल
चित्रकूट की भौगोलिक स्थिति के कारण मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर का असर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों क्षेत्रों में पड़ता है। इसी वजह से दोनों राज्यों के प्रशासन ने आपसी समन्वय बढ़ा दिया है।आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित प्रभावित इलाकों में राहत शिविरों और जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन को सतर्क रखा गया है।
निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने की तैयारी
मंदाकिनी के किनारे बसे निचले क्षेत्रों में सबसे ज्यादा खतरा देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। कई स्थानों पर पुलिस और प्रशासन की टीमें लोगों को समझाकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में जुटी हैं।नाव और अन्य बचाव संसाधनों को भी तैयार रखा गया है, ताकि जलस्तर और बढ़ने की स्थिति में तत्काल राहत अभियान शुरू किया जा सके।
आने वाली बारिश पर टिकी प्रशासन की नजर
बारिश का पूर्वानुमान और नदी के जलस्तर में लगातार बदलाव प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। पहाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में होने वाली बारिश का असर मंदाकिनी में तेजी से दिखाई देता है। इसलिए कुछ ही समय में नदी का जलस्तर काफी ऊपर जा सकता है।फिलहाल किसी बड़े नए नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने लोगों से नदी के आसपास जाने से बचने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।

