वाराणसी में गंगा के जलस्तर में एक बार फिर धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू हो गई है। सावन के अंतिम दिन से नदी का पानी ऊपर उठने लगा। फिलहाल वृद्धि की गति काफी धीमी है, लेकिन लगातार छह दिनों तक जलस्तर घटने के बाद आया यह बदलाव प्रशासन के लिए सतर्क रहने का संकेत है।केंद्रीय जल आयोग के अनुसार इस समय करीब दो घंटे में गंगा के जलस्तर में एक सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और किसी बड़े खतरे की सूचना नहीं है।
ऊपरी इलाकों की बारिश का अब दिख रहा असर
अधिकारियों के मुताबिक पूर्वांचल और गंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में इस सप्ताह हुई बारिश का प्रभाव अब नदी के प्रवाह पर दिखाई देने लगा है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों से आया पानी विभिन्न सहायक नदियों के जरिए गंगा में पहुंच रहा है।इसी वजह से नदी के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हुआ है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति के आधार पर जलस्तर में और उतार-चढ़ाव हो सकता है।
घाटों पर सबसे पहले दिखाई देता है पानी बढ़ने का असर
गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ घाटों पर इसका प्रभाव नजर आने लगा है। कई स्थानों पर सीढ़ियों का कुछ हिस्सा फिर पानी में डूबने लगा है। जलस्तर में और वृद्धि होने पर गंगा आरती समेत अन्य धार्मिक गतिविधियों और घाटों पर होने वाले दैनिक कामकाज पर असर पड़ सकता है।पिछले छह दिनों से पानी कम होने के कारण घाटों पर गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य हो रही थीं। नाव संचालन भी पहले की तुलना में सहज होने लगा था। अब पानी बढ़ने के साथ नाविकों को फिर अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
नाविकों और घाट किनारे रहने वालों की बढ़ी चिंता
जलस्तर में मामूली वृद्धि के बावजूद घाटों और नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। नाविकों के लिए तेज या बदलते प्रवाह के बीच नाव चलाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ लोगों से नदी के आसपास सतर्क रहने की अपील की है। श्रद्धालुओं को भी पानी के नजदीक जाने से बचने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने को कहा जा रहा है।
गांवों में भी निगरानी बढ़ी, राहत दल तैयार
गंगा किनारे बसे ग्रामीण इलाकों में राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं। फिलहाल किसी गंभीर बाढ़ जैसी परिस्थिति नहीं है, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए निगरानी जारी रखी गई है।आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव व्यवस्था सक्रिय रखी गई है। नाव, गोताखोर और राहत दल तैयार स्थिति में हैं। ग्रामीणों को नदी के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी गई है।
अभी खतरा नहीं, लेकिन आगे की स्थिति पर रहेगी नजर
अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि मानसून के दौरान पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में होने वाली बारिश का सीधा असर नदी पर पड़ता है, इसलिए अगले कुछ दिनों में जलस्तर की दिशा महत्वपूर्ण रहेगी।प्रशासन लगातार केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों और नदी की स्थिति की निगरानी कर रहा है। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी परिस्थिति में प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

