मध्य प्रदेश ; सीधी जिले से सामने आए एक वीडियो ने सरकारी कर्मचारियों के काम करने के तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में एक पटवारी करीब 65 वर्षीय बुजुर्ग की पीठ पर बैठकर नाला पार करते दिखाई दे रहे हैं। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित पटवारी को निलंबित कर दिया है।
फसल नुकसान का जायजा लेने गांव पहुंचे थे पटवारी
मामला माटा ग्राम पंचायत के हल्का क्षेत्र का बताया जा रहा है। विंध्य क्षेत्र में हुई तेज बारिश के कारण कई जगह किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजकर नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए थे।
इसी सिलसिले में हल्का पटवारी नीलेश नामदेव भी प्रभावित इलाके में निरीक्षण के लिए जा रहे थे। रास्ते में उन्हें एक नाला पार करना था।
नाले के लिए बुजुर्ग की पीठ का लिया सहारा
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पटवारी खुद नाला पार करने के बजाय करीब 65 वर्षीय ग्रामीण ललवा केवट की पीठ पर बैठकर दूसरी तरफ जाते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि नाला करीब दो से ढाई मीटर चौड़ा था और उसमें पानी भी ज्यादा गहरा नहीं था।
घटना के दौरान मौजूद किसी ग्रामीण ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने लगा और पटवारी के व्यवहार को लेकर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए।
शिकायत के बाद प्रशासन ने तुरंत लिया संज्ञान
वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की। मामला प्रशासन तक पहुंचने के बाद सीधी कलेक्टर ने पटवारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी अपर कलेक्टर को सौंपी है। जांच में घटना की परिस्थितियों और पटवारी के आचरण से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल
घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी पटवारी के तरीके को लेकर चर्चा शुरू हो गई। लोगों का कहना है कि सरकारी कर्मचारी के तौर पर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान इस तरह का व्यवहार उचित नहीं माना जा सकता। फिलहाल प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।

