कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को शुक्रवार को तिरंगा मार्च के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। शनिवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया। इस मामले में दीपके के साथ हिरासत में ली गई नेहा बोरा को शनिवार सुबह रिहा कर दिया गया था। रिहाई के बाद नेहा ने पुलिस पर कई आरोप लगाए और सरकार से अपना अहंकार छोड़ने की अपील की।
दोपहर 3 बजे के करीब अदालत में पेश किए गए दीपके
अभिजीत दीपके की पेशी को लेकर शुरुआत में अनुमान लगाया जा रहा था कि पुलिस उन्हें दोपहर 12 बजे से पहले अदालत में पेश कर सकती है। हालांकि, इस समय सीमा में पेशी नहीं हुई और उन्हें करीब 3 बजे कोर्ट के सामने लाया गया।
दूसरी ओर, रिहा होने के बाद नेहा बोरा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के अनुसार, नेहा को आर.के. पुरम पुलिस स्टेशन में रखा गया था। संगठन ने यह भी दावा किया कि उन्हें कई घंटों तक अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया।
नेहा बोरा ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
रिहाई के बाद नेहा बोरा ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए सरकार को अपना अहंकार छोड़ने की नसीहत दी। उनके बयान के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, पुलिस पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
आठ दिन में दूसरी बार गिरफ्तारी
अभिजीत दीपके और कॉकरोच जनता पार्टी के उनके सहयोगी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में 10 अक्टूबर को भी दीपके को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, अगले ही दिन 50 हजार रुपये के मुचलके पर उन्हें रिहा कर दिया गया था।
अब तिरंगा मार्च के दौरान हिरासत में लिए जाने के बाद उनकी दोबारा गिरफ्तारी हुई है। इस बीच, उनके साथी आशुतोष रांका और सौरभ दास तिहाड़ जेल में बंद हैं।

