मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे लगभग 200 प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
सूत्रों ने बताया कि ये 200 प्रदर्शनकारी नयी दिल्ली इलाके से अलग-अलग जगहों से हिरासत में लिए गए हैं। नयी दिल्ली के पूरे इलाके में पुलिस प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है।
यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम के सेक्टर 56 से हिरासत में लिया है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने उसके नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को राष्ट्रीय राजधानी में उनका विमान उतरने के बाद हिरासत में ले लिया। साथ ही इसने अपनी विधि प्रकोष्ठ की प्रमुख रत्ना सिंह और तीन अन्य वकीलों को हिरासत में लिये जाने का दावा किया है
कॉजपा के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले एहतियाती उपायों के तहत राष्ट्रीय राजधानी के सभी 15 जिलों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले 600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। सूत्रों ने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति न पैदा करें।
पुलिस कुछ ऐसे लोगों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रख रही है, जो प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों को जुटा सकते हैं या उन्हें इसमें शामिल होने के लिए प्रभावित कर सकते हैं। सुरक्षा उपायों के तहत ऐसे लोगों के आवासों के बाहर निगरानी बढ़ा दी गई है।
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए राष्ट्रीय राजधानी भर में रणनीतिक स्थानों पर, विशेष रूप से जंतर-मंतर और अन्य संवेदनशील स्थानों की ओर जाने वाले क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले लोगों को लामबंद करने के संभावित प्रयासों पर भी पैनी नजर रख रही है।
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों और प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं का हवाला देते हुए कॉजपा को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने कहा है कि नयी दिल्ली क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू है और लोगों से इन पाबंदियों का पालन करने की अपील की है।
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पूरी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, और कानून-व्यवस्था बनाए रखने व किसी भी गैरकानूनी सभा को रोकने के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

