30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में हुई घटना को लेकर कैप्टन स्मित मछार ने अब पूरा घटनाक्रम बताया है. दुबई से इजरायल जा रही फ्लाइट में को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने नमाज पढ़ने के लिए खड़े होने की बात कही थी. कैप्टन के अनुसार उस समय उन्हें किसी तरह के खतरे का अंदाजा नहीं था और फ्लाइट का संचालन सामान्य तरीके से चल रहा था.
स्मित मछार ने बताया कि को-पायलट के नमाज पढ़ने के दौरान उन्होंने उसके सम्मान का ध्यान रखा और पीछे मुड़कर नहीं देखा. करीब 3 से 4 मिनट बाद अचानक को-पायलट ने उन पर हमला कर दिया.
पहला वार हुआ तो लगा विमान किसी चीज से टकराया है
कैप्टन स्मित मछार के मुताबिक हमला इतना अचानक हुआ कि उन्हें किसी तरह का शक तक नहीं हुआ. कुल्हाड़ी से पहला वार होने पर उन्हें लगा कि शायद विमान किसी चीज से टकरा गया है. इसके तुरंत बाद को-पायलट ने दूसरी बार हमला किया.
दूसरे हमले के बाद उन्हें समझ आया कि पीछे से कोई उन पर वार कर रहा है. इसके बाद उन्होंने खुद को बचाने के साथ विमान का नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश शुरू कर दी.
घायल होने के बावजूद को-पायलट से भिड़ गए कैप्टन
हमले में घायल होने के बाद भी कैप्टन स्मित मछार ने हिम्मत नहीं छोड़ी. उन्होंने को-पायलट से संघर्ष शुरू कर दिया. इसी दौरान उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, ताकि बाहर मौजूद लोग अंदर पहुंच सके.
कैप्टन के अनुसार को-पायलट ने दरवाजा फिर बंद कर दिया, ताकि कोई अन्य व्यक्ति कॉकपिट में प्रवेश न कर सके. इसके बावजूद स्मित मछार ने संघर्ष करते हुए दरवाजा दोबारा खोल दिया.
यात्रियों और अन्य क्रू ने पहुंचकर संभाली स्थिति
कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद कुछ यात्री और अन्य क्रू सदस्य अंदर पहुंचे. उन्होंने बीच-बचाव किया और स्थिति को काबू करने में मदद की. इस दौरान कैप्टन स्मित मछार ने विमान को सुरक्षित रखने की कोशिश जारी रखी.
उनकी सूझबूझ और साहस के कारण विमान को सुरक्षित लैंड कराया जा सका. फ्लाइट में करीब 180 लोग सवार थे, ऐसे में इस घटना के दौरान कैप्टन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही.
प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू ने फोन कर जाना हालचाल
घटना के बाद घायल कैप्टन स्मित मछार का इलाज जारी है. उनकी बहादुरी की चर्चा भारत के साथ दुनियाभर में हो रही है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे फोन पर बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली.
30 सितंबर की घटना ने उठाए सुरक्षा से जुड़े कई सवाल
दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुई इस घटना ने विमान सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है. को-पायलट द्वारा कॉकपिट के भीतर ही कैप्टन पर हमला किए जाने की घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है.
हालांकि, कैप्टन स्मित मछार की तत्परता और साहस के चलते विमान सुरक्षित लैंड कर गया और सवार करीब 180 लोगों की जान बच सकी. इसी वजह से उनकी बहादुरी की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है.

