प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। यह शिखर सम्मेलन शंघाई सहयोग संगठन की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। एससीओ बैठक में भारत, चीन और रूस सहित दस अन्य सदस्य देश शामिल है।
पीएम मोदी ने कल सोमवार को किर्गिस्तान की अपनी दो दिवसीय यात्रा के पहले दिन बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान रूस, ईरान, किर्गिज़ गणराज्य और आर्मेनिया के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में विभिन्न पहलुओं और आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को बिश्केक में 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस साल यह उनकी पहली मुलाकात थी। इससे पहले दोनों नेता दिसंबर 2025 में दिल्ली में 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे।
दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, गतिशीलता और लोगों के बीच आपसी संबंधों समेत कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने व्यापार, आर्थिक और सांस्कृतिक मामलों पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के 27वें सत्र के नतीजों का स्वागत किया, जो 24 अगस्त 2026 को मॉस्को में आयोजित हुआ था।
दोनों नेताओं ने खासकर 2026 में भारत की अध्यक्षता में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन समेत, बहुपक्षीय मंचों पर भारत-रूस सहयोग पर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह 12-13 सितंबर 2026 को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति पुतिन का भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।
आपको बता दें, 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा, जिसकी मेजबानी भारत कर रहा है। भारत 2017 से एससीओ का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य रहा है। इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य और सहयोगी देशों के नेताओं के साथ-साथ आउटरीच के लिए आमंत्रित देशों के नेता भी शामिल होंगे।

