बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में NDA के भीतर समर्थन को लेकर नया सियासी घटनाक्रम सामने आया है। NDA में शामिल राष्ट्रीय लोक मोर्चा यानी RLM के तीन विधायकों ने निर्दलीय प्रत्याशी रामकुमार सिन्हा के समर्थन का ऐलान किया है। खास बात यह है कि इस सीट पर NDA की ओर से JDU ने आनंद पुष्कर को उम्मीदवार बनाया है।RLM के तीन विधायकों के इस फैसले के बाद गठबंधन के भीतर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। हालांकि RLM नेतृत्व ने इसे बगावत मानने से इनकार किया है और साफ किया है कि पार्टी NDA के साथ बनी हुई है।
RLM के 4 में से 3 विधायक निर्दलीय के साथ
RLM के प्रदेश महासचिव और प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रामकुमार सिन्हा ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान RLM के तीन विधायक भी उनके साथ मौजूद रहे।इन विधायकों में दिनारा से आलोक कुमार सिंह, मधुबनी से माधव आनंद और बाजपट्टी से रामेश्वर महतो शामिल है। RLM के विधानसभा में कुल चार विधायक बताए जाते है। ऐसे में तीन विधायकों का एक निर्दलीय उम्मीदवार के साथ खड़ा होना इस चुनाव में चर्चा का प्रमुख कारण बन गया है।
JDU उम्मीदवार के सामने RLM नेताओं का समर्थन क्यों अहम
सारण शिक्षक सीट पर NDA की ओर से JDU उम्मीदवार आनंद पुष्कर चुनाव मैदान में है। ऐसे समय जब गठबंधन के एक घटक दल के तीन विधायक किसी दूसरे उम्मीदवार के समर्थन में दिखाई दे रहे है, तो स्वाभाविक तौर पर गठबंधन की चुनावी रणनीति पर सवाल उठ रहे है।हालांकि RLM की ओर से इसे गठबंधन विरोधी कदम नही बताया गया है। पार्टी का कहना है कि रामकुमार सिन्हा लंबे समय से संगठन से जुड़े रहे है और विधायकों का उनके समर्थन में जाना व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंधों से जुड़ा फैसला है।
उपेंद्र कुशवाहा ने बगावत की बात खारिज की
RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी के भीतर किसी तरह की बगावत से इनकार किया है। उनका कहना है कि पार्टी NDA के साथ है और विधायकों के इस फैसले को गठबंधन से अलग होने के संकेत के तौर पर नही देखा जाना चाहिए।RLM प्रदेश नेतृत्व की ओर से भी इसी तरह की सफाई दी गई है। पार्टी का तर्क है कि निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन देना अपने आप में NDA से बाहर निकलने का फैसला नही है।
गठबंधन की एकजुटता पर चर्चा क्यों तेज हुई
बिहार की राजनीति में NDA के भीतर सीटों और उम्मीदवारों को लेकर घटक दलों के रुख पर हमेशा नजर रहती है। ऐसे में जब किसी गठबंधन सहयोगी के अधिकांश विधायक गठबंधन उम्मीदवार के बजाय दूसरे प्रत्याशी के साथ खड़े दिखाई देते है, तो राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा होना स्वाभाविक है।फिलहाल RLM ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि वह NDA का हिस्सा है। दूसरी ओर तीन विधायकों का निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थन में सामने आना चुनावी समीकरण को जरूर दिलचस्प बना रहा है।
अब मुकाबले पर रहेगी सबकी नजर
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अब JDU उम्मीदवार आनंद पुष्कर और निर्दलीय रामकुमार सिन्हा के बीच मुकाबले पर खास नजर रहेगी। RLM के तीन विधायकों का समर्थन निर्दलीय प्रत्याशी के साथ जाने से चुनावी माहौल में नया पहलू जुड़ गया है।अब यह देखना अहम होगा कि मतदान के समय गठबंधन के विधायक और समर्थक किस तरह मतदान करते है। फिलहाल RLM नेतृत्व के बगावत से इनकार के बावजूद तीन विधायकों के समर्थन ने बिहार के इस MLC चुनाव को राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बना दिया है।

