नागपुर। एनसीपी शरदचंद्र पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मराठा आरक्षण आंदोलन से लेकर दिशा सालियान मामले, समान नागरिक संहिता और मंत्री नितेश राणे के बयानों तक उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। रोहित पवार ने खास तौर पर मराठा आरक्षण को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटिल से सरकार को बातचीत करने की सलाह दी।
जरांगे पाटिल के मुंबई कूच पर बोले रोहित पवार
मनोज जरांगे पाटिल के मंगलवार को मुंबई की ओर कूच करने के फैसले पर रोहित पवार ने कहा कि सरकार में बैठे लोगों की जिम्मेदारी है कि वे आंदोलन कर रहे लोगों से संवाद कायम करें। उनका कहना था कि चाहे कोई व्यक्ति उपवास पर हो या किसी अन्य तरीके से विरोध कर रहा हो, बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालने की कोशिश होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मराठा आरक्षण के मुद्दे पर अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। इसी वजह से जरांगे पाटिल ने मुंबई कूच का निर्णय लिया है। रोहित पवार के मुताबिक अभी भी सरकार के पास समय है और मंत्रियों को रास्ते में ही आंदोलनकारियों के साथ बातचीत कर सर्वसम्मति से समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए।
दिशा सालियान केस पर आदित्य ठाकरे का नाम आने को लेकर भी टिप्पणी
दिशा सालियान मामले में दर्ज एफआईआर में बड़े नेताओं के नाम सामने आने को लेकर भी रोहित पवार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पिछली बार सुशांत सिंह राजपूत मामले में आदित्य ठाकरे का नाम सामने आने और बाद में उन्हें क्लीन चिट मिलने का उदाहरण दिया।
रोहित पवार का कहना था कि कई बार राजनीतिक वजहों या अन्य कारणों से नेताओं के नाम किसी मामले में चर्चा में आ जाते हैं और उसके बाद मीडिया ट्रायल शुरू हो जाता है। लेकिन जांच में तथ्य नहीं मिलने पर मामला आगे नहीं बढ़ता।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि सीबीआई ने जानबूझकर आदित्य ठाकरे का नाम शामिल किया है, तो इसके पीछे राजनीतिक घटनाक्रम की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि सीबीआई सक्रिय होती है तो राजनीति भी सामने आ जाती है।
दिशा सालियान की मौत के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई द्वारा नई एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड क्षेत्र में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद मौत हुई थी। वह सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर थीं।
UCC पर रोहित पवार बोले, पहले महिला सुरक्षा पर ध्यान दे सरकार
महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता लागू करने की चर्चा को लेकर भी रोहित पवार ने सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा UCC लाने की बात पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में इस समय महिलाओं की सुरक्षा ज्यादा गंभीर मुद्दा है।
उनके अनुसार महिलाओं में सुरक्षा को लेकर चिंता है और रात के समय बाहर निकलने में भी डर महसूस किया जा रहा है। रोहित पवार ने आरोप लगाया कि UCC जैसे मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान वास्तविक समस्याओं से हटाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने सरकार से महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने और इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
नितेश राणे के बयान पर भी कसा तंज
मंत्री नितेश राणे द्वारा खाद्य सुरक्षा और मिलावट को लेकर एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे को चुनौती दिए जाने पर भी रोहित पवार ने टिप्पणी की। राणे ने मुंबई के चर्चित हाजी अली जूस सेंटर और बड़े मियां जैसे प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करने की बात कही थी।
इस पर रोहित पवार ने कहा कि सरकार ऐसे बयानों को गंभीरता से ले सकती है, लेकिन जनता इन्हें उसी नजर से नहीं देखती। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान राजनीतिक लाभ हासिल करने के उद्देश्य से दिए जाते हैं।
मराठा आरक्षण से लेकर महिला सुरक्षा और जांच एजेंसियों की कार्रवाई तक, रोहित पवार की इन टिप्पणियों ने महाराष्ट्र की राजनीति में कई अहम मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी टकराव को एक बार फिर सामने ला दिया है।

