महाराष्ट्र के एक चर्चित राजनीतिक परिवार की नई पीढ़ी ने अब विदेश की राजनीति में भी अपनी पहचान बनाई है। महाराष्ट्र के बीजेपी मंत्री राधाकृष्ण विखे की भतीजी नीला विखे पाटिल स्वीडन की स्टॉकहोम सिटी से सांसद चुनी गई हैं। उन्होंने ग्रीन पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
सांसद चुने जाने के बाद नीला ने अपनी राजनीतिक यात्रा के साथ परिवार और भारत से जुड़े अपने अनुभवों को भी याद किया। उन्होंने अपने दादा और पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटिल का जिक्र करते हुए बताया कि बचपन में वह उन्हें केंद्रीय बजट पढ़ने के लिए प्रेरित करते थे।
दादा से मिली सीख को नीला ने बताया खास
नीला ने अपने दादा को याद करते हुए कहा कि बचपन में वह उनसे केंद्रीय बजट पढ़ने को कहते थे। अब स्वीडन की संसद तक पहुंचने के बाद नीला का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि आज उनके दादा को उन पर गर्व होता।
उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि महाराष्ट्र से जुड़ी है, लेकिन उनका जन्म और जीवन का बड़ा हिस्सा स्वीडन में बीता है। इसी वजह से उनकी राजनीतिक यात्रा भारत और स्वीडन दोनों से जुड़ी हुई है।
स्वीडन में जन्म, महाराष्ट्र में बीता बचपन
नीला का जन्म स्वीडन में हुआ था। हालांकि, बचपन के शुरुआती वर्ष उन्होंने महाराष्ट्र के अहमदनगर में बिताए। इसके बाद वह स्वीडन लौट गईं और वहीं शिक्षा हासिल करने के साथ राजनीति में सक्रिय हुईं।
उन्होंने ग्रीन पार्टी के साथ काम करना शुरू किया। पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद उन्हें चुनाव लड़ने का अवसर मिला और स्टॉकहोम से सांसद चुनी गईं।
अर्थशास्त्र, कानून और MBA की पढ़ाई
नीला की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी विविध रही है। उन्होंने गोथेनबर्ग स्कूल ऑफ बिजनेस से अर्थशास्त्र और कानून की पढ़ाई की और MBA की डिग्री हासिल की। इसके अलावा उन्होंने मैड्रिड स्थित यूनिवर्सिटी डी कॉम्प्लुटेंस से भी MBA की पढ़ाई की है।
राजनीति में आने से पहले नीला स्वीडन के प्रधानमंत्री कार्यालय में राजनीतिक सलाहकार के तौर पर काम कर चुकी हैं। वह स्टॉकहोम नगर निगम की सिटी काउंसिल का भी हिस्सा रही हैं।
सांसद बनने के बाद नीला ने क्या कहा?
सांसद चुने जाने के बाद नीला ने कहा कि 349 सदस्यों वाली संसद का हिस्सा बनना उनके लिए खास अनुभव है। उन्होंने स्टॉकहोम और स्वीडन के लिए काम करने की इच्छा जताई।
उन्होंने कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जो खुद वोट नहीं दे सकते। नीला के मुताबिक उनकी प्राथमिकताओं में ऐसा समाज बनाना शामिल है, जहां हर बच्चे को बेहतर भविष्य का अवसर मिले।
उन्होंने रहने के लिए बेहतर वातावरण, स्वच्छ पानी, प्रकृति के संरक्षण और मानव गतिविधियों से होने वाली प्राकृतिक आपदाओं को कम करने जैसे मुद्दों पर भी काम करने की बात कही।
भारत से स्वीडन तक जुड़ी राजनीतिक विरासत
नीला विखे पाटिल की राजनीतिक यात्रा ऐसे परिवार से निकलकर स्वीडन की संसद तक पहुंची है, जिसकी जड़ें महाराष्ट्र की राजनीति में हैं। हालांकि उन्होंने अपनी राजनीतिक पहचान स्वीडन में ग्रीन पार्टी के साथ काम करते हुए बनाई और अब वहां की राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका निभाएंगी।

