बहुजन समाज पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपने संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व एमएलसी अतर सिंह राव को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें 9 राज्यों वाले एक प्रमुख सेक्टर का मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया गया है। पार्टी के इस फैसले को संगठन विस्तार और आगामी राजनीतिक चुनौतियों की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
तीन सेक्टर में बांटा गया राष्ट्रीय संगठन
बसपा ने देशभर में अपने सांगठनिक ढांचे को तीन प्रमुख सेक्टरों में विभाजित किया है। इसका उद्देश्य अलग-अलग राज्यों में पार्टी की गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करना और संगठन के कामकाज की निगरानी को मजबूत बनाना है।इसी व्यवस्था के तहत अतर सिंह राव को 9 राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें इन राज्यों में संगठन के पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने और पार्टी की गतिविधियों को गति देने का काम करना होगा।
कार्यकर्ताओं से लेकर बूथ स्तर तक सक्रियता पर जोर
नई जिम्मेदारी के तहत अतर सिंह राव के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की होगी। उन्हें कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क, संगठनात्मक बैठकों और पार्टी की नीतियों के प्रचार-प्रसार पर ध्यान देना होगा।बसपा का कैडर आधारित संगठन लंबे समय से उसकी राजनीतिक पहचान का अहम हिस्सा रहा है। पार्टी अब बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाकर अपनी सांगठनिक ताकत को फिर से मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
अतर सिंह राव पर पार्टी ने जताया भरोसा
अतर सिंह राव को बसपा के अनुभवी नेताओं में माना जाता है। वह लंबे समय से पार्टी संगठन से जुड़े रहे हैं और विधान परिषद में भी बसपा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। सदन में वह पार्टी के सचेतक की भूमिका भी निभा चुके हैं।पार्टी की कार्यप्रणाली और कैडर से उनके लंबे जुड़ाव को देखते हुए उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी देना मायावती के भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
9 राज्यों में संगठन को गति देना होगी बड़ी चुनौती
मुख्य सेक्टर प्रभारी के तौर पर अतर सिंह राव को 9 राज्यों में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी करनी होगी। स्थानीय पदाधिकारियों के साथ तालमेल, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और पार्टी की रणनीति को जमीनी स्तर तक पहुंचाना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में रहेगा।इसके साथ ही आगामी चुनावों को देखते हुए उन्हें संगठन की तैयारियों का आकलन कर पार्टी नेतृत्व तक फीडबैक पहुंचाने की भूमिका भी निभानी होगी।
पुराने नेताओं को जिम्मेदारी देकर कार्यकर्ताओं को संदेश
बसपा के संगठनात्मक बदलाव में अनुभवी और लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े नेताओं को महत्व दिए जाने की रणनीति दिखाई दे रही है। अतर सिंह राव की नियुक्ति भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि पुराने नेताओं के अनुभव का इस्तेमाल कर संगठन में बेहतर तालमेल बनाया जा सकता है और कार्यकर्ताओं के बीच भरोसा मजबूत किया जा सकता है।
आगामी चुनावों से पहले संगठन विस्तार पर मायावती का फोकस
बसपा के लिए आने वाला राजनीतिक दौर महत्वपूर्ण है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व संगठन को चुनावी स्तर पर अधिक सक्रिय बनाने की कोशिश कर रहा है। मायावती का फोकस केवल पारंपरिक प्रभाव वाले क्षेत्रों तक सीमित रहने के बजाय नए इलाकों में संगठन की मौजूदगी बढ़ाने पर भी है।अतर सिंह राव को 9 राज्यों की जिम्मेदारी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। अब देखना होगा कि वह इन राज्यों में बसपा के संगठन को कितना सक्रिय कर पाते हैं और पार्टी की चुनावी तैयारियों को जमीनी मजबूती देने में उनकी भूमिका कितनी प्रभावी रहती है।

