चीनी की लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की ओर से बाजार में उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों का असर अब दिखाई देने लगा है। पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद खुदरा बाजार में चीनी के भाव में तेज नरमी दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, महज दो दिनों में कई बाजारों में चीनी 5 से 7 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हुई है। थोक बाजार में भी कीमतें नीचे आई हैं और कुछ स्थानों पर भाव 6,000 रुपये प्रति क्विंटल से कम हो गया है।
दिल्ली में 68 रुपये से घटकर करीब 63 रुपये किलो
दिल्ली के खुदरा बाजार में मंगलवार को चीनी का भाव करीब 63 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। कुछ दिन पहले यही भाव कई जगहों पर 68 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था। इस लिहाज से उपभोक्ताओं को करीब 5 रुपये प्रति किलो तक राहत मिली है।
थोक बाजार में आई नरमी का असर धीरे-धीरे खुदरा कीमतों पर भी पड़ने की उम्मीद है। कारोबारियों का कहना है कि यदि बाजार में आपूर्ति सामान्य बनी रही तो कीमतों में आगे भी स्थिरता देखने को मिल सकती है।
सरकार के कदमों से बदला बाजार का रुख
चीनी की कीमतों में हालिया तेजी के पीछे उत्पादन को लेकर चिंता, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक की स्थिति को लेकर अनिश्चितता जैसे कारण बताए जा रहे थे। त्योहारों का सीजन करीब आने के साथ मांग बढ़ने की संभावना ने भी बाजार पर दबाव बनाया था।
स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर निगरानी बढ़ाई। बाजार में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के प्रयासों से कारोबारियों के बीच कीमतों को लेकर दबाव कम हुआ और इसका असर अब थोक से लेकर खुदरा बाजार तक दिखाई दे रहा है।
त्योहारी सीजन से पहले मिल सकती है और राहत
त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ने के कारण कीमतों पर दोबारा दबाव बनने की आशंका रहती है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता घरेलू बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना है।
चीनी की कीमतों में मौजूदा गिरावट से घरेलू बजट के अलावा मिठाई और खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। यदि आपूर्ति और बाजार प्रबंधन इसी तरह बना रहा, तो आने वाले दिनों में कीमतों में और स्थिरता देखने को मिल सकती है।

