भोपाल में रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने फरार केयरटेकर वरुण कुमार पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है. वारदात के बाद से आरोपी लगातार फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग राज्यों में तलाश कर रही है.
पुलिस मुख्यालय ने आरोपी तक पहुंचने के लिए उसके डिजिटल फुटप्रिंट की जांच तेज कर दी है. इसके लिए दो विशेष टीमों को जिम्मेदारी दी गई है.
पांच राज्यों में पुलिस की टीमें कर रही तलाश
वरुण कुमार की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच की 11 और भोपाल पुलिस जोन-1 की चार टीमें काम कर रही है. पुलिस की टीमें मध्य प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में संभावित ठिकानों पर पहुंच रही है.
अब तक आरोपी के मोबाइल की लोकेशन का पता नहीं चल सका है. पुलिस मोबाइल नंबरों और डिजिटल गतिविधियों के जरिए उसके संभावित ठिकाने तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
आगरा और पटियाला में रहने वाली बहनों से पूछताछ
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की आगरा और पटियाला में रहने वाली बहनों से भी पूछताछ की है. पुलिस को जानकारी मिली है कि वरुण की आखिरी लोकेशन आगरा-मथुरा रूट के आसपास मिली थी.
इसके बाद इस रूट के साथ अलग-अलग राज्यों के रेलवे स्टेशनों और अन्य स्थानों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस को आशंका है कि आरोपी वारदात के बाद लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है.
CCTV में घर से निकलता दिखाई दिया आरोपी
रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल की हत्या भोपाल के नीलबड़ थाना क्षेत्र स्थित सूरजनगर में हुई थी. प्रारंभिक जांच में पुलिस का शक केयरटेकर वरुण कुमार पर गया, क्योंकि घटना के बाद से वह लगातार फरार है.
जांच में यह भी सामने आया कि राकेश अग्रवाल ने वरुण को वर्मा केयरटेकर एजेंसी के माध्यम से काम पर रखा था. पुलिस के अनुसार एजेंसी के स्तर पर उसका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया गया था और उसके एड्रेस प्रूफ का रिकॉर्ड भी अपडेट नहीं था. आरोपी मूल रूप से पंजाब के पटियाला का रहने वाला बताया जा रहा है.
रात 2:40 बजे घर से निकला, हाथ में था बैग
पुलिस को मिले CCTV फुटेज में आरोपी वारदात वाली रात घर से बाहर निकलता दिखाई दे रहा है. फुटेज के मुताबिक रात करीब 2:40 बजे वह घर से निकलता है.
इसके करीब 200 मीटर दूर लगे एक अन्य CCTV कैमरे में भी उसकी गतिविधि रिकॉर्ड हुई है. इसमें आरोपी हाथ में एक बैकबैग और एक झोला लेकर जाता हुआ दिखाई दे रहा है. पुलिस अब इन्हीं फुटेज और डिजिटल सुरागों को जोड़कर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
इनाम घोषित होने के बाद तलाश और तेज
50 हजार रुपए का इनाम घोषित होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश और तेज कर दी है. जांच एजेंसियां उसके रिश्तेदारों, संभावित ठिकानों, मोबाइल गतिविधियों और CCTV फुटेज से मिले सुरागों को आपस में जोड़ रही है. अब पुलिस की कोशिश है कि वरुण को जल्द गिरफ्तार कर हत्या की पूरी वजह और वारदात का घटनाक्रम सामने लाया जा सके.

