नई दिल्ली: रक्षाबंधन के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समेत देश के कई प्रमुख नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। अपने संदेशों में उन्होंने भाई-बहन के रिश्ते के साथ-साथ विश्वास, संवेदनशीलता, सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने बताया पर्व का व्यापक संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश और विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रक्षा-बंधन की परंपरा प्राचीन समय से भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का हिस्सा रही है। समय के साथ यह पर्व भाई-बहन के बीच स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प से जुड़े सामाजिक उत्सव के रूप में व्यापक रूप से लोकप्रिय हुआ।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने वाला पर्व नहीं है, बल्कि यह परिवार और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आत्मीयता, सम्मान तथा एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करता है।
राष्ट्रपति ने लोगों से आग्रह किया कि इस अवसर पर समाज और देश की सुरक्षा के प्रति संकल्प लिया जाए और इसी भावना के साथ विकसित भारत के निर्माण में योगदान दिया जाए।
उपराष्ट्रपति ने सद्भाव और सम्मान को बताया पर्व की भावना
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी रक्षाबंधन पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रेम, स्नेह और आपसी जुड़ाव के रिश्तों को मजबूत करने का अवसर है।
उन्होंने लोगों से दया, सद्भाव और परस्पर सम्मान जैसे मूल्यों को बनाए रखने की अपील करते हुए सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
नितिन नवीन ने सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ा पर्व
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रक्षाबंधन को भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व पारिवारिक संबंधों के साथ भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती प्रदान करता है।
उन्होंने देशवासियों के जीवन में प्रेम, खुशी और सुख-समृद्धि की कामना की।
चिराग पासवान और सिंधिया ने भी दी बधाई
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रक्षाबंधन को भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह का पर्व बताते हुए सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि यह पवित्र रिश्ता जीवन में प्रेम और आपसी विश्वास को हमेशा मजबूत बनाए रखे।
वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी रक्षाबंधन की बधाई देते हुए भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, स्नेह और समर्पण की भावना और मजबूत होने की कामना की। उन्होंने कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशियां लेकर आए।
राखी के साथ मजबूत होते हैं विश्वास और जिम्मेदारी के रिश्ते
रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है। इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके सुख, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना करती हैं। भाई भी बहनों के प्रति अपने स्नेह और जिम्मेदारी का संकल्प व्यक्त करते हैं।
समय के साथ इस पर्व का सामाजिक स्वरूप भी व्यापक हुआ है। परिवार के रिश्तों से आगे बढ़कर यह विश्वास, सहयोग, सम्मान और एक-दूसरे की जिम्मेदारी निभाने की भावना का प्रतीक बन गया है।

