इंदौर कलेक्टर आईएएस शिवम वर्मा इन दिनों प्रशासनिक सख्ती को लेकर चर्चा में हैं। सयाजी होटल की किचन सील करने और बार लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई के बाद उन्होंने राजस्व मामलों और सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में लापरवाही पर भी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। ऐसे में जानना दिलचस्प है कि आखिर शिवम वर्मा कौन हैं और उनकी प्रशासनिक कार्यशैली कैसी रही है।
सयाजी होटल की कार्रवाई के बाद फिर लिया सख्त फैसला
इंदौर के पांच सितारा सयाजी होटल के निरीक्षण के दौरान प्रशासन को किचन में कई अनियमितताएं और साफ-सफाई से जुड़ी कमियां मिली थीं। इसके बाद कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर होटल की किचन सील कर दी गई और बार लाइसेंस भी निलंबित किया गया।
इसके बाद राजस्व प्रकरणों के समय पर निराकरण में लापरवाही का मामला सामने आने पर उन्होंने हातोद तहसीलदार गोविंदसिंह ठाकुर के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम हेल्पलाइन के आवेदनों का तय समय में निराकरण नहीं करने पर उन्हें शोकाज नोटिस जारी किया गया। साथ ही आगामी आदेश तक उन्हें जिला निर्वाचन कार्यालय में काम करने के निर्देश दिए गए।
इंदौर से पहले भी रहा है गहरा प्रशासनिक जुड़ाव
शिवम वर्मा के लिए इंदौर नया कार्यक्षेत्र नहीं है। कलेक्टर की जिम्मेदारी संभालने से पहले वह इंदौर नगर निगम में कमिश्नर के पद पर काम कर चुके हैं। इस वजह से उन्हें शहर की प्रशासनिक व्यवस्था, नगर निगम के कामकाज और स्थानीय स्तर की चुनौतियों का पहले से अनुभव है।
उनकी कार्यशैली को लेकर प्रशासनिक हलकों में यह धारणा भी रही है कि वह फील्ड स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और लंबित मामलों पर तेजी से कार्रवाई करने पर जोर देते हैं।
जनता से सीधे जुड़ने पर रहता है जोर
शिवम वर्मा की प्रशासनिक शैली में जनसुनवाई और जमीनी निरीक्षण को खास महत्व दिया जाता है। हर मंगलवार होने वाली जनसुनवाई में वह आम लोगों की समस्याएं सुनते हैं और जरूरत के अनुसार संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी देते हैं।
उनकी प्राथमिकताओं में सरकारी सेवाओं की समयबद्धता, अधिकारियों की जवाबदेही और शिकायतों के त्वरित निराकरण को प्रमुख माना जाता है। यही वजह है कि प्रशासनिक स्तर पर उनके कई फैसले अक्सर चर्चा में आ जाते हैं।
MANIT से की इंजीनियरिंग, 2013 बैच के आईएएस अधिकारी
शिवम वर्मा ने भोपाल स्थित Maulana Azad National Institute of Technology से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। वह 2013 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं।
इंदौर जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी कार्यशैली और फैसलों पर लगातार नजर बनी हुई है। प्रशासनिक कामकाज में सख्ती के साथ फील्ड विजिट और जनसुनवाई को प्राथमिकता देना उनकी पहचान का हिस्सा माना जाता है।
पत्नी भी आईएएस अधिकारी, कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं
शिवम वर्मा की पत्नी जयति सिंह भी भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। वह 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और विभिन्न प्रशासनिक पदों पर जिम्मेदारी निभा चुकी हैं।
जयति सिंह ने एसडीएम के रूप में भी काम किया है। डबरा में एसडीएम रहते हुए अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उनकी प्रशासनिक सख्ती चर्चा में रही थी। वर्तमान में वह बड़वानी जिले की कलेक्टर के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
सख्त प्रशासनिक फैसलों से बनी अलग पहचान
शिवम वर्मा की मौजूदा कार्यशैली में एक बात स्पष्ट दिखाई देती है कि सरकारी व्यवस्था में लापरवाही को लेकर वह कार्रवाई से पीछे नहीं हटते। होटल निरीक्षण से लेकर सीएम हेल्पलाइन और राजस्व प्रकरणों तक उनके हालिया फैसले इसी प्रशासनिक दृष्टिकोण को सामने रखते हैं।

