बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर के जौहर से जुड़े बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और धार्मिक बहस तक पहुंच गया है। उनके बयान पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने जौहर और महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए नेताओं की राजनीति पर भी सवाल खड़े किए। इसी दौरान उन्होंने मुस्लिम समर्थन से बनने वाली सरकार को लेकर ऐसा बयान दिया, जिस पर विवाद और बढ़ सकता है।
पद्मावत के जौहर सीन पर स्वरा के बयान से शुरू हुआ विवाद
दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वरा भास्कर ने फिल्म पद्मावत के क्लाइमेक्स में दिखाए गए जौहर के दृश्य पर सवाल उठाए थे। कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद उन पर जौहर करने वाली महिलाओं को कायर कहने का आरोप लगाया गया।
विवाद बढ़ने के बाद स्वरा भास्कर ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती या राजपूत महिलाओं को कायर नहीं कहा था। उनके मुताबिक, उनकी बात का गलत अनुवाद किया गया और बयान का अर्थ भी गलत तरीके से पेश किया गया।
अनिरुद्धाचार्य ने जौहर और सम्मान के मुद्दे पर क्या कहा
अनिरुद्धाचार्य ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पद्मावती जैसी महिलाओं ने अपने सम्मान की रक्षा के लिए प्राणों का त्याग किया था। उन्होंने कहा कि इतिहास की ऐसी घटनाओं को समझने के लिए उस दौर की परिस्थितियों और त्याग की भावना को भी समझना जरूरी है।
उन्होंने इस विषय को चरित्र और सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि इसकी गहराई को वही व्यक्ति समझ सकता है, जो इन मूल्यों के महत्व को जानता हो।
मुस्लिम समर्थन से सरकार बनने को लेकर भी दिया बयान
अनिरुद्धाचार्य ने सरकार बनाने में मुस्लिम समर्थन की भूमिका को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि मुस्लिमों के समर्थन से सरकार बनी तो कत्लेआम होगा। उन्होंने इसके पीछे मुस्लिम समुदाय से जुड़े कुछ नारे और राजनीतिक धारणाओं का हवाला दिया।
उन्होंने यहां तक कहा कि यदि कोई अपना सिर कटवाना चाहता है तो उसे मुस्लिमों की पसंद वाली सरकार बनानी चाहिए। इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद खड़ा होने की संभावना है।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
अनिरुद्धाचार्य ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मनुस्मृति और महिलाओं की स्थिति को लेकर की गई टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को मनुस्मृति को पूरी तरह पढ़ना चाहिए और उसके कुछ हिस्सों के आधार पर ही अपनी राय नहीं बनानी चाहिए।
उन्होंने तीन तलाक, बुर्का और हलाला जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी से इन विषयों पर उनकी राय पूछी। अनिरुद्धाचार्य का आरोप था कि राहुल गांधी सनातन धर्म से जुड़े विषयों पर ज्यादा टिप्पणी करते हैं, जबकि दूसरे धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर उनकी चर्चा कम दिखाई देती है।

