दिल्ली में जारी प्रदर्शन के बीच सोमवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने और राजधानी में सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग करने की अपील की। इस बीच सुरक्षा बलों ने संसद भवन और कनॉट प्लेस क्षेत्र से प्रदर्शनकारियों को हटाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
सरकार और प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई विस्तृत चर्चा
सीजेपी की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री को अपनी मांगों का लिखित ज्ञापन सौंपा। बैठक सुबह 11:50 बजे शुरू हुई और सौहार्दपूर्ण माहौल में कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। जेपी नड्डा ने कहा कि यह पहली बार था जब प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ औपचारिक बातचीत का प्रस्ताव आया। उन्होंने बताया कि मौखिक चर्चा के बाद प्रतिनिधिमंडल ने शाम को अपनी मांगें लिखित रूप में भी सौंप दीं।
प्रदर्शन खत्म करने की अपील
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुन रही है और उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया कि वे अपना आंदोलन समाप्त करें और प्रशासन को सामान्य व्यवस्था बहाल करने में सहयोग दें।
सीजेपी ने सरकार के सामने रखीं प्रमुख मांगें
प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के समक्ष कई अहम मांगें रखीं। इनमें पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल से तत्काल रिहा करने और उनकी आवाजाही पर लगी किसी भी रोक को हटाने की मांग शामिल है। इसके अलावा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने तथा नीट 2026 पेपर लीक मामले में आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई।
युवा मुद्दों को लेकर जारी है आंदोलन
सीजेपी का कहना है कि उसकी मांगें युवाओं की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़ी हैं। पार्टी के कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं और परीक्षा से जुड़े विवादों तथा शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग उठा रहे हैं। बैठक के बाद जेपी नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सभी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

