संसद के मानसून सत्र का पहला दिन राजनीतिक तनातनी और विरोध प्रदर्शनों के बीच शुरू हुआ। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और राम मंदिर चंदा मामले से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया। वहीं संसद के बाहर भी छात्रों और प्रदर्शनकारियों का विरोध जारी रहा। स्थिति को देखते हुए संसद परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखी गई।
प्रधानमंत्री ने की सकारात्मक चर्चा की अपील
सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से रचनात्मक और तथ्य आधारित चर्चा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि सभी पक्ष तर्क और तथ्यों के आधार पर संवाद करेंगे तो हंगामे की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह मानसून सत्र देशहित में उपयोगी और सकारात्मक साबित होगा।
विपक्ष के विरोध से बार-बार बाधित हुई कार्यवाही
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और राम मंदिर चंदा मामले पर चर्चा की मांग उठाई। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताया। लगातार नारेबाजी और विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
संसद के बाहर भी जारी रहा प्रदर्शन
संसद मार्ग पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे, जिन्हें पुलिस ने बैरिकेडिंग कर आगे बढ़ने से रोका। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली।
विपक्षी नेताओं ने जताया समर्थन
छात्रों के आंदोलन को कई विपक्षी दलों का समर्थन भी मिला। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव के नेतृत्व में पार्टी सांसदों ने मार्च निकाला। अन्य विपक्षी नेताओं ने भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आवाज उठाते हुए सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
शाम तक हालात हुए सामान्य
दिल्ली पुलिस के अनुसार शाम तक संसद परिसर और आसपास के क्षेत्रों से भीड़ हटा दी गई और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। सुरक्षा कारणों से लगाए गए प्रतिबंधों के बीच संसद के सभी प्रवेश द्वार फिर से खोल दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती जारी रहेगी।

