सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओपी राजभर ने अंबेडकर नगर में दिल्ली में हुए प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने छात्रों को आगे कर आंदोलन कराया, लेकिन जब कार्रवाई का समय आया तो बड़े नेता वहां से निकल गए।
‘जो दूसरों पर सवाल उठा रहे हैं, पहले अपना रिकॉर्ड देखें’
ओपी राजभर ने कहा कि जिन दलों के शासनकाल में नकल, पेपर लीक और परीक्षा परिणामों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे, वही आज सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने अपनी शैली में कहा, ‘सूप बोले तो बोले, चलनी भी बोले जिसमें बहत्तर छेद हैं।’ उनका कहना था कि विपक्ष को पहले अपने कार्यकाल का आकलन करना चाहिए।
NEET परीक्षा को लेकर सरकार का किया बचाव
राजभर ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हाल में आयोजित NEET परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और देशभर में पेपर लीक की कोई घटना सामने नहीं आई। उन्होंने इसे सरकार की व्यवस्था में सुधार का परिणाम बताया।
‘लोगों को उकसाकर खुद पीछे हट गए’
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कई नेताओं ने मंच से भाषण दिए और लोगों को प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया, लेकिन जब पुलिस कार्रवाई हुई तो वे मौके से हट गए। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के बड़े नेता कार्रवाई के समय मौजूद नहीं थे।
प्रदर्शन में बच्चों की मौजूदगी पर भी उठाए सवाल
ओपी राजभर ने कहा कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे वीडियो दिखाई दे रहे हैं, जिनमें कम उम्र के छात्र भी प्रदर्शन में शामिल नजर आ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि छोटे बच्चों को ऐसे आंदोलनों में शामिल करने का उद्देश्य क्या था।
‘छात्रों की मांग उचित, लेकिन राजनीति नहीं होनी चाहिए’
राजभर ने कहा कि छात्रों की यह मांग पूरी तरह उचित है कि परीक्षाएं निष्पक्ष हों और पेपर लीक जैसी घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है, लेकिन इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सभी दलों को अपने-अपने शासनकाल की व्यवस्थाओं पर भी नजर डालनी चाहिए।

