शिक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल बुधवार को 25वें दिन भी जारी रही। इस बीच विपक्षी दलों के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचा और उनसे मुलाकात की।प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष, कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा और CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास शामिल थे। सांसदों ने सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो से मुलाकात कर विपक्षी नेताओं और फ्लोर लीडर्स के हस्ताक्षर वाला संयुक्त पत्र सौंपा।
सांसदों ने की भूख हड़ताल खत्म करने की अपील
सोनम वांगचुक से मुलाकात के बाद TMC सांसद सागरिका घोष ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पत्र में सांसदों ने वांगचुक के शिक्षा सुधार और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है।पत्र में कहा गया कि वांगचुक का संघर्ष केवल किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा आंदोलन है। सांसदों ने उनसे अपील की कि वे अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करें, क्योंकि देश को उनके मार्गदर्शन और अनुभव की जरूरत है।
छात्रों पर कार्रवाई नहीं करने की मांग
विपक्षी सांसदों ने संयुक्त पत्र में यह भी कहा कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन में शामिल छात्रों और अभ्यर्थियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई या FIR दर्ज नहीं की जानी चाहिए।पत्र पर कई विपक्षी नेताओं के हस्ताक्षर हैं, जिनमें शशि थरूर, कपिल सिब्बल, प्रोफेसर रामगोपाल यादव, वी. शिवदासन, वरुण चौधरी और सज्जाद अहमद किचलू सहित अन्य नेता शामिल हैं।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद मेदांता में किया गया शिफ्ट
सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था।मंगलवार को हाई कोर्ट के आदेश के बाद वांगचुक को विशेषज्ञ चिकित्सा निगरानी के लिए सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। अब डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है।

