मुंबई : हालिया विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा एहतियाती कदम उठाया है। शहर में गुरुवार से 6 अगस्त तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। पुलिस के आदेश के अनुसार इस दौरान पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ जमा होने, जुलूस निकालने और बिना अनुमति किसी भी तरह की सभा करने पर रोक रहेगी।
प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने दर्ज की 8 एफआईआर
दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी समर्थित आंदोलन के समर्थन में मुंबई के कई इलाकों में प्रदर्शन हुए थे। पुलिस के मुताबिक इन प्रदर्शनों के बाद करीब 900 लोगों के खिलाफ 8 अलग अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।पुलिस का कहना है कि विभिन्न माध्यमों से मिली सूचनाओं के आधार पर शहर में शांति भंग होने, सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई
निषेधाज्ञा लागू होने के बाद मुंबई पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी नए प्रदर्शन, रैली या अप्रिय घटना को रोका जा सके।पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे जारी आदेशों का पालन करें और शहर में शांति बनाए रखने में सहयोग करें।
महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत जारी हुआ आदेश
मुंबई पुलिस ने यह आदेश महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 37 के तहत जारी किया है। इस प्रावधान के तहत पुलिस को सार्वजनिक शांति बनाए रखने और संभावित अव्यवस्था रोकने के लिए प्रतिबंध लगाने का अधिकार मिलता है।आदेश के अनुसार इस अवधि में हथियार या विस्फोटक सामग्री लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा किसी व्यक्ति, शव या पुतले का सार्वजनिक प्रदर्शन, नारेबाजी, भाषण, गीत गाना और बिना अनुमति सार्वजनिक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करना भी प्रतिबंधित रहेगा।
पोस्टर और आपत्तिजनक सामग्री के प्रदर्शन पर भी रोक
पुलिस ने ऐसे पोस्टर, तस्वीरें, प्रतीक, तख्तियां या अन्य सामग्री के प्रदर्शन और प्रसार पर भी रोक लगाई है, जिन्हें प्रशासन सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा या शालीनता के लिए खतरा मानता है।बिना अनुमति प्रदर्शन या सभा आयोजित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
नीट विवाद से शुरू हुआ आंदोलन कई शहरों तक पहुंचा
बताया जा रहा है कि 20 जुलाई को सीजेपी समर्थकों और बड़ी संख्या में छात्रों ने दिल्ली के जंतर मंतर से संसद तक मार्च निकाला था। प्रदर्शनकारियों ने नीट यूजी पेपर लीक और परीक्षा में सामने आ रही अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।

