अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव अब और गंभीर होता जा रहा है। दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष में लगातार हमले और जवाबी धमकियों से हालात बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है। अमेरिका ने ईरान पर लगातार 12वीं रात हवाई हमले किए हैं, वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि उसके बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया तो जवाब बेहद कड़ा होगा।
ईरान के कई प्रांतों में अमेरिकी हमले, सैन्य ठिकाने बने निशाना
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने ईरान के खुजेस्तान, बुशेहर, होर्मोजगान और इलाम प्रांतों में कई जगह मिसाइल और हवाई हमले किए। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन कार्रवाइयों में ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक इन हमलों में मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्र, समुद्री सैन्य सुविधाएं, तटीय निगरानी ठिकाने और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया है।
पहली बार B-1 लांसर बॉम्बर का इस्तेमाल
अमेरिका ने इस सैन्य अभियान में पहली बार B-1 लांसर लॉन्ग रेंज बॉम्बर का इस्तेमाल किया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, दोबारा शुरू हुए संघर्ष के बाद यह पहला मौका है जब इस रणनीतिक बमवर्षक विमान को मिशन पर भेजा गया है।B-1 लांसर को अमेरिकी वायुसेना के सबसे शक्तिशाली बमवर्षकों में शामिल किया जाता है। यह विमान बड़ी मात्रा में हथियार ले जाने में सक्षम है और लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता रखता है। इसके इस्तेमाल को अमेरिका की बढ़ती सैन्य तैयारी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पुलों और पावर प्लांट्स को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी। इसके बाद ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया तो उसका जवाब उसी स्तर पर दिया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान की रक्षा नीति ‘आंख के बदले आंख’ के सिद्धांत पर आधारित है।उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान पर हमला करने वाले या किसी भी तरह से मदद करने वाले पक्षों को भी जवाबी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार माना जाएगा।
ईरानी सैन्य कमान की चेतावनी, अमेरिका के सहयोगी भी हो सकते हैं प्रभावित
ईरान की सर्वोच्च सैन्य कमान और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल सैयद माजिद मौसवी ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है।उन्होंने कहा कि यदि ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया गया तो इसके प्रभाव पूरे क्षेत्र में दिखाई देंगे। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी सहयोगी देशों को भी इसके परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
अमेरिका ने समुद्री दबाव भी बढ़ाया
अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरान के खिलाफ समुद्री स्तर पर भी दबाव बढ़ाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार कई व्यावसायिक जहाजों के मार्ग बदले गए हैं और एक जहाज को ईरानी बंदरगाह से जुड़ी गतिविधियों से रोका गया है।

