सिंहस्थ 2028 और आगामी श्रावण मास को ध्यान में रखते हुए ओंकारेश्वर में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में कलेक्टर ऋषव गुप्ता और पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने मांधाता थाना कंट्रोल रूम में 15 सदस्यीय निर्माण समिति की बैठक लेकर विकास और यातायात व्यवस्था से जुड़े अहम फैसलों की समीक्षा की।
प्रतीक्षा हाल, मल्टी लेवल पार्किंग और अतिक्रमण हटाने पर जोर
बैठक में जूना महल की जगह आधुनिक प्रतीक्षा हाल बनाने की योजना पर चर्चा हुई। इसके साथ ही पुराने बस स्टैंड पर मल्टी लेवल पार्किंग विकसित करने, अतिक्रमण हटाने के बाद प्रभावित लोगों के लिए नई दुकानों की व्यवस्था करने और ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र का विस्तार करने पर विशेष फोकस रखा गया।
श्रावण मास से पहले तैयारियों का लिया जायजा
श्रावण मास शुरू होने से पहले जिला प्रशासन ने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अधिकारियों ने सुखदेव मुनि द्वार, प्रस्तावित प्रतीक्षा हाल और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति देखी। इसके बाद हुई बैठक में पुजारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर उनके समाधान के निर्देश दिए गए।
कुछ दिनों में शुरू होगा सुखदेव मुनि द्वार
करीब दो महीने से चौड़ीकरण कार्य के कारण बंद सुखदेव मुनि द्वार जल्द श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों में यह मार्ग शुरू होने की संभावना है। नए इंतजाम के तहत श्रद्धालु तीन अलग-अलग कतारों में मंदिर में प्रवेश करेंगे, जिससे धक्का-मुक्की की स्थिति नहीं बनेगी और दर्शन व्यवस्था अधिक सुगम होगी।
दर्शन व्यवस्था में भी होगा बदलाव
नई व्यवस्था के अनुसार श्रद्धालु सीढ़ियों से उतरकर गर्भगृह से लगभग पांच फीट की दूरी से भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद उन्हें निर्धारित निकासी द्वार से बाहर भेजा जाएगा, ताकि प्रवेश और निकास की व्यवस्था अलग-अलग रहे और भीड़ पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सके।
वीआईपी और विशेष दर्शन के लिए अलग प्रवेश मार्ग
प्रोटोकॉल वाले अतिथियों और विशेष दर्शन टिकट धारकों के लिए अलग प्रवेश व्यवस्था बनाई जाएगी। उन्हें निकासी मार्ग से प्रवेश देकर यू-टर्न के माध्यम से गर्भगृह के दर्शन कराए जाएंगे और फिर निर्धारित लकड़ी गेट से बाहर निकाला जाएगा।
वन-वे ट्रैफिक से जाम कम करने की तैयारी
श्रावण मास में यातायात सुचारु रखने के लिए नवीन बस स्टैंड से सरकारी अस्पताल होते हुए कुबेर भंडारी मंदिर तक सड़क को वन-वे करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए नहर किनारे वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से मंदिर क्षेत्र में लगने वाले ट्रैफिक जाम में काफी कमी आएगी।

