नई दिल्ली। अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा को आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार की छात्रवृत्ति योजनाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से संचालित मैट्रिकोत्तर और पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से लाखों विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने लोकसभा में सांसद नवासकनी के. के के लिखित प्रश्न के जवाब में छात्रवृत्ति योजनाओं से जुड़ी जानकारी साझा की।
मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति से 48 लाख से ज्यादा छात्रों को फायदा
अनुसूचित जाति के छात्रों को उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद देने के लिए सरकार मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना चला रही है। वर्ष 2024-25 में इस योजना के तहत 5,562.23 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता जारी की गई, जिससे 48,04,208 अनुसूचित जाति के छात्रों को लाभ मिला।यह योजना कॉलेज और उच्च शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर पढ़ाई कर रहे छात्रों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराती है, जिससे आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद वे अपनी शिक्षा जारी रख सकें।
कुछ वर्षों में कई गुना बढ़ी सरकारी सहायता
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिए मिलने वाली केंद्रीय सहायता में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा इजाफा हुआ है।वर्ष 2021-22 में जहां इस योजना के लिए 1,930.38 करोड़ रुपये की सहायता जारी की गई थी, वहीं वर्ष 2025-26 में यह राशि बढ़कर 6,186.96 करोड़ रुपये हो गई। इस योजना के माध्यम से हर साल करीब 48 लाख अनुसूचित जाति के छात्रों को लाभ मिल रहा है।
पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति से भी लाखों विद्यार्थियों को मदद
स्कूल स्तर पर पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए संचालित पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत 26,79,049 छात्रों को लाभ मिला। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 562.36 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई।
डीबीटी से आसान और पारदर्शी हुआ भुगतान
छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) व्यवस्था लागू की है। इसके तहत छात्रवृत्ति की राशि सीधे पात्र छात्रों के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाती है।वर्ष 2022-23 से पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में डीबीटी लागू होने के बाद भुगतान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनी है।
शिक्षा के जरिए सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि छात्रवृत्ति योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि वंचित वर्गों के छात्रों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।मंत्रालय के अनुसार, आर्थिक बाधाओं को कम करने, शिक्षा तक समान पहुंच बढ़ाने और छात्रों को सामाजिक व शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाने के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं को लगातार प्रभावी बनाया जा रहा है।

