लाइफस्टाइल : क्या आपकी सुबह की शुरुआत भी मोबाइल स्क्रीन देखकर होती है? अलार्म बंद करने के बाद सीधे सोशल मीडिया, मैसेज या नोटिफिकेशन चेक करना आज लाखों लोगों की दिनचर्या बन चुका है। कई लोग इसे मोबाइल की लत समझते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे हमारे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली भी अहम भूमिका निभाती है।
जागते ही दिमाग क्यों चाहता है नई जानकारी
नींद के दौरान हमारा दिमाग बाहरी दुनिया से काफी हद तक अलग हो जाता है। जैसे ही हम जागते हैं, मस्तिष्क फिर से आसपास की गतिविधियों और नई जानकारियों से जुड़ना चाहता है। इसी वजह से बहुत से लोग सबसे पहले यह जानना चाहते हैं कि रातभर में क्या हुआ, किसका संदेश आया या कौन सी नई खबर सामने आई।
नोटिफिकेशन क्यों बन जाते हैं आकर्षण का केंद्र
मोबाइल पर मिलने वाले नए संदेश, सोशल मीडिया अपडेट और अन्य नोटिफिकेशन दिमाग को तुरंत नई जानकारी उपलब्ध कराते हैं। हर नया अपडेट मस्तिष्क को हल्का सा संतोष देता है। यही अनुभव धीरे धीरे रोज की आदत बन जाता है और व्यक्ति बिना सोचे समझे हर सुबह सबसे पहले फोन उठा लेता है।
कैसे बनती है यह आदत
मनोविज्ञान में इसे ‘क्यू रूटीन रिवॉर्ड’ प्रक्रिया से जोडा जाता है। सुबह आंख खुलना एक संकेत का काम करता है। इसके बाद व्यक्ति मोबाइल उठाकर उसे देखता है और अंत में नई जानकारी मिलने पर दिमाग को संतुष्टि मिलती है। यही क्रम बार बार दोहराए जाने पर मजबूत आदत का रूप ले लेता है।
फोमो भी बढा सकता है मोबाइल देखने की आदत
कई लोगों को यह चिंता रहती है कि कहीं कोई जरूरी संदेश, ईमेल या महत्वपूर्ण सूचना उनसे छूट न जाए। इस भावना को फोमो यानी ‘फियर ऑफ मिसिंग आउट’ कहा जाता है। यही डर लोगों को बार बार फोन देखने के लिए प्रेरित कर सकता है, खासकर सुबह उठते ही।
हर सुबह फोन देखना हमेशा गलत नहीं
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोई व्यक्ति कुछ मिनट जरूरी जानकारी देखने के बाद अपना दिन सामान्य रूप से शुरू कर देता है, तो इसे समस्या नहीं माना जाता। लेकिन यदि यह आदत लंबे समय तक बिना मकसद सोशल मीडिया स्क्रॉल करने में बदल जाए और काम, पढाई या दिनचर्या को प्रभावित करने लगे, तो इस पर ध्यान देना जरूरी है।
दिन की शुरुआत ऐसे करें तो मिलेगा ज्यादा फायदा
सुबह उठने के तुरंत बाद कुछ समय मोबाइल से दूरी बनाना बेहतर माना जाता है। इसकी जगह एक गिलास पानी पीना, हल्का व्यायाम करना, कुछ देर धूप में बैठना, गहरी सांस लेना या दिन की योजना बनाना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभदायक हो सकता है।
फोन का इस्तेमाल करें, उसे अपनी आदतों का मालिक न बनने दें
स्मार्टफोन आज जीवन का अहम हिस्सा है, लेकिन इसका संतुलित उपयोग ही सबसे सही तरीका है। यदि आप सुबह की शुरुआत स्क्रीन के बजाय खुद पर ध्यान देकर करते हैं, तो पूरे दिन की ऊर्जा, एकाग्रता और उत्पादकता बेहतर हो सकती है।

