लाइफ स्टाइल: आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर का लगातार इस्तेमाल जीवन का हिस्सा बन चुका है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने की आदत के कारण गर्दन दर्द, अकड़न और सर्वाइकल जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
लगातार झुकी हुई मुद्रा में बैठने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है, जिससे दर्द और जकड़न महसूस होने लगती है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ आसान योगासन नियमित रूप से करने से गर्दन की मांसपेशियों को आराम मिल सकता है, लचीलापन बढ़ सकता है और तनाव कम करने में मदद मिल सकती है।
1. भुजंगासन से मजबूत होंगी गर्दन और रीढ़ की मांसपेशियां
भुजंगासन गर्दन, कंधों और रीढ़ की मांसपेशियों के लिए फायदेमंद माना जाता है। यह लंबे समय तक बैठने से होने वाली जकड़न को कम करने में मदद कर सकता है।
करने का तरीका:
- सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं।
- दोनों हथेलियों को कंधों के पास रखें।
- धीरे-धीरे सिर और छाती को ऊपर की ओर उठाएं।
- कुछ सेकंड तक इसी स्थिति में रहें और फिर सामान्य अवस्था में लौट आएं।
2. मार्जरी आसन से मिलेगा गर्दन को आराम
मार्जरी आसन यानी कैट काउ पोज रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने और गर्दन के तनाव को कम करने में सहायक हो सकता है।
करने का तरीका:
- हाथों और घुटनों के बल आ जाएं।
- सांस लेते हुए पीठ को नीचे की ओर झुकाएं और सिर को ऊपर उठाएं।
- सांस छोड़ते हुए पीठ को गोल करें और ठोड़ी को छाती की ओर लाएं।
- इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे दोहराएं।
3. बालासन दूर करेगा तनाव
बालासन शरीर और मन को आराम देने वाला योगासन माना जाता है। यह गर्दन, कंधों और पीठ के तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।
करने का तरीका:
- वज्रासन की मुद्रा में बैठें।
- धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और माथे को जमीन से लगाने का प्रयास करें।
- हाथों को आगे की ओर फैलाएं।
- कुछ समय तक इसी स्थिति में रहें।
4. गर्दन के हल्के स्ट्रेच से कम करें अकड़न
गर्दन की जकड़न दूर करने के लिए हल्के स्ट्रेच भी उपयोगी हो सकते हैं।
कैसे करें:
- गर्दन को धीरे-धीरे दाएं और बाएं दिशा में घुमाएं।
- ठोड़ी को छाती की ओर लाएं और फिर ऊपर उठाएं।
- कंधों को आगे और पीछे की ओर घुमाएं।
ध्यान रखें कि गर्दन की किसी भी गतिविधि को झटके से न करें।
5. ताड़ासन से सुधरेगी शरीर की मुद्रा
गलत बैठने की आदत के कारण गर्दन और पीठ पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में ताड़ासन मददगार हो सकता है। यह शरीर की मुद्रा सुधारने में भी सहायक माना जाता है।
करने का तरीका:
- सीधे खड़े हो जाएं।
- दोनों हाथों को ऊपर उठाएं।
- शरीर को ऊपर की दिशा में खींचें।
- कुछ देर तक संतुलन बनाए रखें।
स्क्रीन टाइम के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
- मोबाइल को बहुत नीचे रखकर देखने से बचें।
- हर 30 से 40 मिनट में थोड़ा ब्रेक लें।
- बैठने की मुद्रा सही रखें।
- गर्दन को लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रखें।
- रोजाना हल्का व्यायाम या योग करने की आदत डालें।
इन लक्षणों में डॉक्टर से लें सलाह
यदि गर्दन दर्द के साथ हाथों में झनझनाहट, कमजोरी, चक्कर आना या लगातार तेज दर्द जैसी समस्या हो रही है, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
सही मुद्रा, नियमित योग और स्क्रीन इस्तेमाल की बेहतर आदतों को अपनाकर गर्दन से जुड़ी कई परेशानियों को नियंत्रित किया जा सकता है।

