दिल्ली-एनसीआर के चर्चित रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत कई ठिकानों पर छापेमारी कर नकदी, लग्जरी वाहनों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त किया है। यह कार्रवाई उन शिकायतों के आधार पर की गई है जिनमें निवेशकों से धन लेने के बावजूद परियोजनाओं को समय पर पूरा नहीं करने के आरोप लगाए गए हैं।
आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दिल्ली में कई आवासीय और व्यावसायिक परिसरों की तलाशी ली। कार्रवाई का दायरा कंपनियों के अधिकारियों, प्रमोटरों और संबंधित व्यक्तियों तक फैला हुआ था। तलाशी के दौरान एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
रियल एस्टेट परियोजनाओं को लेकर हुई जांच
जांच की शुरुआत दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में दर्ज विभिन्न आपराधिक मामलों के आधार पर हुई। आरोप हैं कि निवेशकों को आकर्षक रिटर्न, समय पर कब्जा और किराया आय का भरोसा देकर धन जुटाया गया, लेकिन बाद में वादों को पूरा नहीं किया गया।
खरीदारों के धन के इस्तेमाल पर उठे सवाल
प्रारंभिक जांच में एजेंसी को ऐसे संकेत मिले हैं कि एक परियोजना से जुटाई गई राशि का उपयोग अन्य वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में किया गया। साथ ही कुछ रकम कथित तौर पर संबद्ध कंपनियों और अन्य संस्थाओं को ऋण या अग्रिम भुगतान के रूप में हस्तांतरित किए जाने की भी जांच की जा रही है।
वर्षों बाद भी नहीं मिला कब्जा
जांच के दौरान सामने आया कि कुछ परियोजनाओं में निवेशकों से वर्षों पहले बुकिंग राशि ली गई थी, लेकिन लंबे समय बाद भी उन्हें संपत्ति का कब्जा नहीं मिल सका। इसी वजह से बड़ी संख्या में खरीदारों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं।
एक ही यूनिट की कई बार बुकिंग का आरोप
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में एक ही यूनिट के लिए एक से अधिक खरीदारों से धन लिया गया। इसके अलावा खरीदारों के साथ किए गए दस्तावेजों और समझौतों को लेकर भी कई सवाल उठाए गए हैं। एजेंसी इन पहलुओं की विस्तार से जांच कर रही है।
छापे में क्या-क्या मिला?
तलाशी के दौरान जांच एजेंसी ने 50 लाख रुपये से अधिक नकद राशि और तीन लग्जरी वाहनों को जब्त किया। इसके अलावा बड़ी संख्या में दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल उपकरण और संपत्तियों से जुड़े कागजात भी कब्जे में लिए गए हैं।
अभी जारी है जांच
ईडी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जब्त दस्तावेजों तथा डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

