दिल्ली नगर निगम (MCD) सदन की बैठक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तीखी नोकझोंक की भेंट चढ़ गई। भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के पार्षदों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि सदन की कार्यवाही बाधित हो गई। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने और चर्चा को प्रभावित करने के आरोप लगाए।
स्वास्थ्य मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी
सदन में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और जलजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर चर्चा प्रस्तावित थी। हालांकि हंगामे के कारण इस विषय पर विस्तृत बहस नहीं हो सकी। निगम प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन राजनीतिक टकराव के कारण यह संभव नहीं हो पाया।
E20 ईंधन नीति पर AAP ने उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने केंद्र की E20 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इस नीति का असर आम वाहन मालिकों पर पड़ सकता है और इसके तकनीकी तथा आर्थिक पहलुओं पर स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। साथ ही पार्टी ने जलभराव की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया।
जलभराव को लेकर सरकार पर निशाना
विपक्षी पार्षदों ने आरोप लगाया कि राजधानी के कई इलाकों में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बनी हुई है और इस विषय पर गंभीर चर्चा से बचा जा रहा है। उनका कहना है कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
BJP ने विपक्ष पर लगाया बहस से बचने का आरोप
सत्तापक्ष का दावा है कि विपक्ष ने ऐसे विषय उठाए जो नगर निगम के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं, जबकि स्थानीय प्रशासन और नागरिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा नहीं होने दी गई। भाजपा नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े विषयों पर सहयोगात्मक रवैया अपनाया जाना चाहिए।
सदन में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी
हंगामे के बावजूद बैठक के दौरान कुछ महत्वपूर्ण नागरिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और यातायात प्रबंधन में सुधार के उद्देश्य से कुछ अनुपयोगी ढांचों को हटाने से जुड़े प्रस्ताव शामिल रहे।
कांवड़ यात्रा को लेकर भी दिए गए निर्देश
नगर प्रशासन ने कांवड़ यात्रा मार्गों और शिविरों के आसपास विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
कचरा प्रबंधन के लिए नई पहल
दिल्ली में ठोस कचरा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक नई व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। निगम का कहना है कि वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निस्तारण और प्रसंस्करण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कांग्रेस ने दोनों दलों को ठहराया जिम्मेदार
सदन में मौजूद कांग्रेस प्रतिनिधियों ने भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों की आलोचना की। उनका कहना है कि राजनीतिक टकराव के कारण जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा नहीं हो सकी और इससे नागरिक हित प्रभावित हुए।
जनहित बनाम राजनीति की बहस फिर तेज
MCD सदन में हुए इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राजनीतिक मतभेदों के बीच नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को पर्याप्त प्राथमिकता मिल पा रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजधानी की राजनीति में चर्चा का विषय बना रह सकता है।

