पटना। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज कर प्रदेश की राजनीति में बड़ा संदेश दिया है। लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के प्रभाव वाली इस सीट पर जीत हासिल करना आसान नहीं माना जा रहा था, लेकिन प्रशांत किशोर ने अपने चुनावी अभियान के दम पर यहां नया राजनीतिक समीकरण खड़ा कर दिया।
बीजेपी के मजबूत किले में लगाई सेंध
बांकीपुर विधानसभा सीट को बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। पार्टी इस सीट पर वर्ष 1995 से लगातार जीत दर्ज करती आ रही थी। यह सीट बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की परंपरागत सीट भी रही थी, जो उनके इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। ऐसे में यहां जन सुराज की जीत को बड़ा राजनीतिक बदलाव माना जा रहा है।
करीब 20 हजार वोटों से दर्ज की जीत
चुनाव परिणाम के अनुसार जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले। वहीं बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा 44,827 वोट हासिल कर दूसरे स्थान पर रहे। आरजेडी की रेखा गुप्ता को 14,273 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर रहीं। प्रशांत किशोर ने 19,324 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।जीत के बाद प्रशांत किशोर ने इसे बांकीपुर की जनता का फैसला बताया और जनता के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
35 से 40 दिनों के अभियान ने बदली तस्वीर
प्रशांत किशोर की इस जीत की सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि उन्होंने अपेक्षाकृत कम समय में बीजेपी के मजबूत क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाई। चुनाव प्रचार के दौरान लगातार जनसंपर्क और स्थानीय मुद्दों को उठाकर उन्होंने मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश की।
हमनाम नीतीश और लालू को मिले बेहद कम वोट
बांकीपुर उपचुनाव में कुल 24 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें जन सुराज से प्रशांत किशोर, बीजेपी से नीरज कुमार सिन्हा और आरजेडी से रेखा कुमारी गुप्ता प्रमुख चेहरे थे।इस चुनाव में दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नाम भी चर्चा में रहे। निर्दलीय प्रत्याशी नीतीश कुमार को केवल 149 वोट मिले, जबकि निर्दलीय लालू प्रसाद यादव को महज 81 वोट हासिल हुए। दोनों उम्मीदवारों के नाम बिहार के दो बड़े राजनीतिक नेताओं से मिलते हैं, लेकिन उनका उनसे कोई संबंध नहीं है।
कौन हैं चुनाव लड़ने वाले निर्दलीय नीतीश और लालू
निर्दलीय नीतीश कुमार के चुनावी हलफनामे के अनुसार वह पेशे से कंसल्टेंट हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज से स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है। उनकी कुल संपत्ति करीब 1.31 लाख रुपये बताई गई है और उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।वहीं निर्दलीय लालू प्रसाद यादव की उम्र 47 वर्ष है और वह पेशे से किसान हैं। चुनावी हलफनामे के मुताबिक उन्होंने 12वीं तक पढ़ाई की है। उनकी कुल संपत्ति करीब 41 लाख रुपये है और उनके खिलाफ भी कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
बांकीपुर के नतीजों ने बिहार की राजनीति में बढ़ाई हलचल
प्रशांत किशोर की जीत ने बिहार की राजनीति में जन सुराज की मौजूदगी को मजबूत किया है। बीजेपी के गढ़ में मिली यह सफलता आने वाले चुनावों के लिए नई राजनीतिक संभावनाओं की ओर इशारा कर रही है। वहीं परंपरागत दलों के लिए यह नतीजा आत्ममंथन का विषय बन गया है।

