उत्तराखंड : सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को सभी प्रमुख पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक जांचें निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना लागू होने पर मरीजों को कई जरूरी जांचों के लिए निजी लैब का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।
इन जांचों का मिल सकता है मुफ्त लाभ
सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था में खून और मूत्र की जांच के साथ एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई तथा अन्य आवश्यक डायग्नोस्टिक जांचों को भी शामिल किए जाने की तैयारी है। इससे खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इलाज के खर्च में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण मरीजों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस योजना का सबसे अधिक लाभ दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिलेगा। अभी कई मरीजों को जांच कराने के लिए शहरों या निजी केंद्रों तक जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। मुफ्त जांच सुविधा मिलने से यह परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है।
समय पर जांच से बेहतर होगा इलाज
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बीमारी की सही पहचान के लिए समय पर जांच बेहद जरूरी होती है। यदि मरीजों को बिना शुल्क सभी आवश्यक जांचें उपलब्ध होंगी तो गंभीर बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकेगा। इससे इलाज जल्दी शुरू होगा और बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ेगी।
अस्पतालों की सुविधाएं भी होंगी मजबूत
योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत नई मशीनों की उपलब्धता, पर्याप्त तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति, प्रशिक्षित लैब टेक्नीशियन और जांच उपकरणों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
डिजिटल व्यवस्था से मिलेगी तेज सेवा
स्वास्थ्य विभाग जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आसान बनाने के लिए डिजिटल सिस्टम को भी मजबूत करने पर विचार कर रहा है। इससे मरीजों को समय पर जांच रिपोर्ट मिल सकेगी और डॉक्टरों को उपचार संबंधी निर्णय लेने में आसानी होगी।
प्रस्ताव को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी
फिलहाल इस योजना पर अंतिम स्तर की तैयारी चल रही है। प्रस्ताव लागू होने के बाद उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में इलाज कराने वाले मरीजों को विभिन्न प्रकार की जांचें बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होने के साथ इलाज का आर्थिक बोझ भी काफी कम होने की उम्मीद है।

