लाइफ स्टाइल: वर्ष 2026 के लिए जारी दुनिया के बेहतरीन स्ट्रीट फूड शहरों की नई रैंकिंग ने भारत में खाने के शौकीनों के बीच नई बहस शुरू कर दी है। सूची में मुंबई को नई दिल्ली से ऊपर स्थान मिलने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अपनी-अपनी पसंद के शहर का समर्थन करते नजर आ रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि मुंबई का स्ट्रीट फूड अपनी विविधता और आसान उपलब्धता के कारण इस सम्मान का हकदार है, जबकि कई यूजर्स का कहना है कि दिल्ली की समृद्ध खानपान संस्कृति को अधिक बेहतर रैंक मिलनी चाहिए थी।
वैश्विक सूची में इन शहरों ने बनाई जगह
इस अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में पहले स्थान पर हो ची मिन्ह सिटी रही। इसके बाद कुआलालंपुर और जकार्ता ने दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। भारत की ओर से तीन शहर इस सूची में शामिल हुए। मुंबई ने 10वां, जयपुर ने 15वां और नई दिल्ली ने 19वां स्थान प्राप्त किया।
मुंबई का स्ट्रीट फूड बना सबसे बड़ी ताकत
मुंबई लंबे समय से अपने अनोखे स्ट्रीट फूड कल्चर के लिए पहचान रखता है। यहां का वड़ा पाव, पाव भाजी, मिसल पाव, अलग-अलग तरह की चाट, सैंडविच, भेल और किफायती दक्षिण भारतीय नाश्ते शहर की पहचान बन चुके हैं। यही विविधता और हर बजट में उपलब्ध विकल्प मुंबई को खाने के शौकीनों के बीच खास बनाते हैं।
जयपुर ने भी अपनी पहचान मजबूत की
इस सूची में जयपुर का दिल्ली से आगे निकलना कई लोगों के लिए हैरानी भरा रहा। पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान की राजधानी ने पारंपरिक और आधुनिक स्वाद का अनोखा मेल पेश करते हुए खुद को एक प्रमुख फूड डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया है। यहां की कचौड़ी, मिठाइयां, स्थानीय व्यंजन और तेजी से विकसित होता स्ट्रीट फूड कल्चर पर्यटकों को लगातार आकर्षित कर रहा है।
दिल्ली की लोकप्रियता बरकरार, लेकिन उठे सवाल
हालांकि नई दिल्ली को इस सूची में 19वां स्थान मिला, फिर भी उसे देश की सबसे प्रतिष्ठित फूड कैपिटल में गिना जाता है। छोले भटूरे, पराठे, कबाब, मोमोज और उत्तर भारतीय चाट आज भी यहां की पहचान हैं। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का कहना है कि हाल के वर्षों में दिल्ली का स्ट्रीट फूड पहले जितना नया और अलग अनुभव नहीं देता, जिससे उसकी रैंकिंग प्रभावित हुई हो सकती है।
खाने के शौकीनों के बीच जारी है पसंद की जंग
नई रैंकिंग ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भारत का असली स्ट्रीट फूड हब कौन सा शहर है। कोई मुंबई के स्वाद और विविधता की तारीफ कर रहा है तो कोई दिल्ली की पुरानी खानपान विरासत को सबसे बेहतर बता रहा है। वहीं जयपुर की शानदार एंट्री ने यह संकेत भी दिया है कि देश के दूसरे शहर भी तेजी से अपनी अलग पाक पहचान बना रहे हैं।

