स्वादिष्ट खाना बनाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी यह भी है कि उसे किस तरह के बर्तनों में पकाया और रखा जा रहा है। आज ज्यादातर घरों में प्लास्टिक, स्टील, कांच, तांबा, एल्युमिनियम और कई तरह की धातुओं से बने बर्तनों का इस्तेमाल होता है।
हालांकि, सभी बर्तन स्वास्थ्य के लिए समान रूप से सुरक्षित नहीं माने जाते। ऑन्कोसर्जन डॉ. वर्तिका विश्वानी ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि सही कुकवेयर और स्टोरेज कंटेनर का चुनाव भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।
तेल रखने के लिए कांच की बोतल बेहतर विकल्प
डॉ. विश्वानी के अनुसार, खाना पकाने वाले तेल को कांच की बोतल में रखना ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
लंबे समय तक तेल को प्लास्टिक या कुछ कम गुणवत्ता वाली धातु की बोतलों में रखने पर उनमें मौजूद रासायनिक तत्व तेल में मिल सकते हैं। खासकर गर्मी और धूप के संपर्क में आने पर यह खतरा बढ़ सकता है।
कांच रासायनिक रूप से निष्क्रिय माना जाता है और यह तेल की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद कर सकता है।
अचार के लिए कांच और सिरेमिक कंटेनर उपयोगी
भारतीय अचार में नमक, तेल और अम्लीय तत्व अधिक मात्रा में होते हैं। ऐसे में कुछ धातुओं या प्लास्टिक के संपर्क में आने पर प्रतिक्रिया की संभावना रहती है।
कांच या फूड ग्रेड सिरेमिक कंटेनर अचार रखने के लिए बेहतर विकल्प माने जाते हैं क्योंकि इनमें भोजन के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया का खतरा कम होता है। इससे अचार का स्वाद और गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रह सकती है।
खाना पकाने के लिए कास्ट आयरन को दी जाती है प्राथमिकता
डॉ. विश्वानी ने खाना बनाने के लिए कास्ट आयरन यानी लोहे के तवे और अप्पे मेकर के इस्तेमाल को बेहतर बताया।
कास्ट आयरन के बर्तनों में नॉन स्टिक कोटिंग खराब होने जैसी समस्या नहीं होती। ये मजबूत होते हैं और लंबे समय तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
इसके अलावा इनमें खाना पकाने से थोड़ी मात्रा में आयरन भोजन में शामिल हो सकता है। कास्ट आयरन गर्मी को लंबे समय तक बनाए रखता है, जिससे खाना समान रूप से पक सकता है।
पानी पीने के लिए स्टील और तांबे की बोतल विकल्प
पानी रखने के लिए स्टेनलेस स्टील या तांबे की बोतलों को बेहतर विकल्प माना जाता है।
स्टील की बोतलें साफ करना आसान होती हैं और इनमें लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद भी दुर्गंध की समस्या कम होती है। प्रोटीन शेक जैसी चीजों को रखने के लिए भी स्टील की बोतल सुविधाजनक मानी जाती है।
बच्चों के लिए अंदर से स्टील कोटिंग वाली बोतलें उपयोगी हो सकती हैं क्योंकि इन्हें साफ रखना आसान होता है और इनमें पानी का तापमान लंबे समय तक बना रह सकता है।
इन बर्तनों से जुड़ी सावधानियां भी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी बर्तन का इस्तेमाल करते समय उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए।
- नॉन स्टिक बर्तन की कोटिंग खराब होने लगे तो उसे बदल देना चाहिए।
- टूटे या पुराने प्लास्टिक कंटेनर का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
- जंग लगे धातु के बर्तनों को उपयोग में नहीं लाना चाहिए।
- भोजन को लंबे समय तक गलत तापमान या अनुचित कंटेनर में रखने से बचना चाहिए।
स्वस्थ जीवनशैली में बर्तनों की भी अहम भूमिका
संतुलित आहार और अच्छी जीवनशैली के साथ सही बर्तनों का चुनाव भी स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। सुरक्षित कुकवेयर न केवल भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद कर सकता है, बल्कि लंबे समय में अनावश्यक स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में भी सहायक हो सकता है।

