बिलासपुर : एटीएम के भीतर एक व्यक्ति के साथ बेहद शातिर तरीके से ठगी की वारदात सामने आई है। आरोपी ने पहले मदद करने का भरोसा जीतकर पीड़ित का एटीएम पिन देख लिया और फिर मौका मिलते ही उसका कार्ड बदल दिया। इसके बाद कुछ ही मिनटों में खाते से चार बार में कुल 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। मामले की जानकारी मिलने पर पीड़ित ने तत्काल बैंक पहुंचकर कार्ड ब्लॉक कराया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। सकरी थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मदद के बहाने रचा पूरा खेल
पुलिस के अनुसार पीड़ित जगदीश प्रसाद राठौर ग्राम परसदा (भरनी) के निवासी हैं और केंद्रीय रेशम बोर्ड परसदा में कार्यरत हैं। वह सकरी बाजार चौक स्थित एसबीआई के एटीएम से नकदी निकालने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद करीब 30 से 35 वर्ष का एक युवक उनसे बातचीत करने लगा और खुद को मददगार बताते हुए एटीएम चलाने में सहायता की पेशकश की।
आरोपी ने उन्हें दोबारा कार्ड मशीन में डालकर पिन दर्ज करने के लिए कहा। जैसे ही पीड़ित ने पिन डाला, आरोपी ने उसे देख लिया और कुछ ही क्षण में असली एटीएम कार्ड बदलकर दूसरा कार्ड उनके हाथ में थमा दिया। पूरी वारदात इतनी सफाई से हुई कि पीड़ित को इसका आभास तक नहीं हुआ।
दूसरे एटीएम पहुंचते ही खुली ठगी की पोल
सकरी से निकलने के बाद पीड़ित गनियारी स्थित सेंट्रल बैंक के एटीएम पहुंचे। वहां कार्ड काम नहीं करने पर उन्हें संदेह हुआ। इसी दौरान मोबाइल पर खाते से 10 हजार रुपये निकाले जाने का संदेश मिला। इसके बाद लगातार चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 40 हजार रुपये खाते से निकाल लिए गए।
तुरंत ब्लॉक कराया कार्ड, पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
धोखाधड़ी का पता चलते ही पीड़ित ने तुरंत बैंक जाकर अपना एटीएम कार्ड ब्लॉक कराया ताकि आगे कोई और निकासी न हो सके। इसके बाद उन्होंने सकरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और एटीएम परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस ने लोगों को दी सावधानी बरतने की सलाह
पुलिस का कहना है कि इन दिनों एटीएम के आसपास सक्रिय ठग मदद का बहाना बनाकर लोगों का पिन देख लेते हैं और कार्ड बदलकर खाते से रकम निकाल लेते हैं। ऐसे मामलों से बचने के लिए एटीएम का पिन दर्ज करते समय कीपैड को हाथ से ढंकें, किसी अनजान व्यक्ति की मदद न लें, अपना कार्ड किसी को न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना दें।

