उत्तराखंड : प्रसिद्ध बद्रीनाथ मंदिर में दान और चढ़ावे की चोरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने जांच को आगे बढ़ाते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस बार पुलिस की कार्रवाई एक ऐसे सिक्योरिटी गार्ड तक पहुंची है, जिसे मंदिर में VIP दर्शन की व्यवस्था में सहयोग के लिए भेजा गया था। तकनीकी जांच और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की भूमिका सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
CCTV फुटेज ने खोला चोरी का राज
SIT ने 25 और 29 जून की CCTV रिकॉर्डिंग का विस्तार से विश्लेषण किया। जांच के दौरान एक व्यक्ति बार-बार दान की सामग्री उठाकर अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिया। संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद उसकी पहचान मनोज कुमार के रूप में की गई।
VIP मेहमानों की व्यवस्था के लिए भेजा गया था मंदिर
जांच में सामने आया कि मनोज कुमार जोशीमठ स्थित JP पावर वेंचर्स लिमिटेड के लाम बगड़ हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत था। कंपनी की ओर से उसे वरिष्ठ अधिकारियों के मेहमानों और रिश्तेदारों को VIP दर्शन कराने में सहयोग के लिए बद्रीनाथ मंदिर भेजा गया था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर दान सामग्री पर हाथ साफ किया।
पहले भी हो चुकी हैं दो गिरफ्तारियां
मंदिर से दान और चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद कोतवाली श्री बद्रीनाथ में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की जांच कर रही SIT इससे पहले मंदिर समिति के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। अब तीसरी गिरफ्तारी के बाद जांच नए मोड़ पर पहुंच गई है।
पूछताछ में स्वीकार किया जुर्म
SIT ने आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाकर CCTV फुटेज दिखाया। सबूत सामने आने के बाद मनोज कुमार ने चोरी की बात स्वीकार कर ली। उसने अधिकारियों के सामने अपना अपराध कबूल करते हुए माफी भी मांगी।
मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूत
जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन की गहन जांच की गई। पुलिस को मोबाइल के रीसायकल बिन में चोरी की गई वस्तुओं की तस्वीरें मिलीं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी का सामान अपने कमरे में ले जाकर उसकी तस्वीरें खींचता था। यही तस्वीरें उसके खिलाफ मजबूत डिजिटल साक्ष्य बन गईं।
घर से बरामद हुई दान की कई कीमती वस्तुएं
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को उसके लाम बगड़ स्थित आवास पर लेकर पहुंची। उसकी निशानदेही पर कई सामान बरामद किए गए। इनमें बिछिया, बालियां, नथ, धातु के सिक्के, छोटी मूर्ति, चूड़ियां, ब्रेसलेट, सजावटी धातु की वस्तुएं और चोरी का सामान बेचकर मिले 6 हजार रुपये नकद शामिल हैं।
तीर्थयात्रियों को बेच दिया था कुछ सामान
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चोरी की गई कुछ वस्तुएं उसने अपने घर में रखी थीं, जबकि कुछ सामान तीर्थयात्रियों को बेच दिया था। उसने यह भी स्वीकार किया कि बिक्री से मिली रकम का एक हिस्सा अपने पास रखा और कुछ राशि कंपनी के प्रोटोकॉल के तहत आने वाले मेहमानों की मेहमाननवाजी पर खर्च कर दी।
SIT की जांच जारी, सामने आ सकते हैं और बड़े खुलासे
विशेष जांच दल अब इस पूरे मामले की हर कड़ी की जांच कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है और दान चोरी से जुड़े कई नए खुलासे होने की संभावना है।

