नई दिल्ली। देश की न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और तेज बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्र ने चार हाई कोर्ट में कुल 30 नए जजों की नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की है। इनमें सबसे अधिक 15 नियुक्तियां मद्रास हाई कोर्ट में की गई हैं। इन नई नियुक्तियों का उद्देश्य अदालतों में रिक्त पदों को भरना और लंबित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को गति देना है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को भी इस सूची में एक नया अतिरिक्त न्यायाधीश मिला है।
20 अधिवक्ता और 10 न्यायिक अधिकारियों को मिला मौका
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, नियुक्त किए गए 30 न्यायाधीशों में 20 वरिष्ठ अधिवक्ता और 10 न्यायिक अधिकारी शामिल हैं। इन नियुक्तियों को राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम से आवश्यक परामर्श के बाद मंजूरी दी है। शपथ ग्रहण के बाद सभी नए न्यायाधीश अपने-अपने हाई कोर्ट में कार्यभार संभालेंगे।
मद्रास हाई कोर्ट में सबसे अधिक नियुक्तियां
मद्रास हाई कोर्ट को इस बार सबसे बड़ी संख्या में नए न्यायाधीश मिले हैं। यहां कुल 15 नियुक्तियां हुई हैं, जिनमें पांच स्थायी और 10 अतिरिक्त न्यायाधीश शामिल हैं।
स्थायी न्यायाधीश के रूप में कृष्णास्वामी गोविंदराजन, रजनीश पथियिल, नटराजन रमेश, जी.के. मुथुकुमार और रामकृष्णन राजेश विवेकानंथन की नियुक्ति हुई है। वहीं अतिरिक्त न्यायाधीशों में बार से आए अधिवक्ताओं के साथ न्यायिक सेवा के अधिकारियों को भी पदोन्नत किया गया है।
कलकत्ता हाई कोर्ट में आठ नए अतिरिक्त न्यायाधीश
कलकत्ता हाई कोर्ट में आठ नए अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किए गए हैं। सभी नियुक्तियां अधिवक्ताओं के वर्ग से की गई हैं। इनमें आर्यक दत्ता, अतरूप बनर्जी, संदीप कुमार डे, पार्थ प्रतीम रॉय, सुदीप देब, अनुज सिंह, अर्जुन रे मुखर्जी और रिशाद मेडोरा शामिल हैं। इन नियुक्तियों से न्यायिक कार्यों के तेजी से निपटारे की उम्मीद जताई जा रही है।
कर्नाटक हाई कोर्ट को छह नए जज
कर्नाटक हाई कोर्ट में भी छह अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किए गए हैं। इनमें राघवेंद्र एस. श्रीवत्स, हेमा कुलकर्णी, सुब्रमण्य रंगाराव, तडागावाड़ी प्रकाश विवेकानंद, प्रमोद बक्केश्वर और शांति भूषण होम्बेगौड़ा के नाम शामिल हैं। सभी नियुक्तियां अधिवक्ताओं के वर्ग से की गई हैं।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को मिला एक नया अतिरिक्त न्यायाधीश
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता अमित लाहोटी को अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से अदालत में लंबित मामलों के निस्तारण में गति आने की उम्मीद की जा रही है।
न्यायिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय से विभिन्न हाई कोर्ट में बड़ी संख्या में न्यायाधीशों के पद रिक्त थे, जिससे मामलों के निपटारे में देरी हो रही थी। नई नियुक्तियों से न्यायिक क्षमता बढ़ेगी, लंबित मामलों का बोझ कम होगा और आम लोगों को समयबद्ध न्याय मिलने की दिशा में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

