नई दिल्ली। झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया। हजारों अभ्यर्थी विधानसभा का घेराव करने के लिए सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले बैरिकेडिंग की, लेकिन भीड़ के आगे बढ़ने पर वॉटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया। इस दौरान कई छात्रों के घायल होने की खबर है।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग पर अड़े छात्र
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि JPSC और JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि सरकारी नौकरियों की चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। छात्रों ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच, परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विधानसभा की ओर बढ़ी भीड़, पुलिस ने किया बल प्रयोग
सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा की ओर कूच करने पहुंचे। प्रशासन ने पहले से ही इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारी जब बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने पहले वॉटर कैनन चलाया। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और आखिर में लाठीचार्ज किया गया।
घायलों की सूचना, सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी
बल प्रयोग के दौरान कई छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, हालांकि घायलों की आधिकारिक संख्या स्पष्ट नहीं की गई है। घटना के बाद विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई ताकि प्रदर्शनकारी प्रतिबंधित क्षेत्र तक न पहुंच सकें।
राहुल गांधी ने जताई आपत्ति
घटनाक्रम पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने छात्रों पर बल प्रयोग को अनुचित बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने सरकार से छात्रों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान संवाद के जरिए निकालने की अपील की।
राहुल गांधी की टिप्पणी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस सहयोगी दल है।
CID की कार्रवाई भी बनी चर्चा का विषय
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच झारखंड पुलिस की CID ने भी कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार, JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को मामले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। हालांकि छात्रों का कहना है कि केवल गिरफ्तारी या जांच से उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि वे तब तक आंदोलन जारी रखेंगे, जब तक भर्ती प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा, पारदर्शी चयन व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों से बातचीत कर कोई ठोस समाधान निकालती है या आंदोलन आगे और तेज होता है।

