उत्तराखंड। चमोली जिले में सोमवार शाम भारी बारिश के बाद तमक नाला में आए तेज बहाव ने बड़ा नुकसान पहुंचाया। उफनते पानी की चपेट में आने से नाले पर बना बेली ब्रिज बह गया। हादसे के बाद प्रशासन, SDRF और अन्य एजेंसियों ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
अचानक बढ़ा जलस्तर, शाम 5:30 बजे हुआ हादसा
चमोली के अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि घटना शाम करीब 5:30 बजे हुई। तमक नाला में अचानक जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण बेली ब्रिज बह गया। घटना के समय सीमा सड़क संगठन (BRO) के अधिकारी और कर्मचारी आसपास मौजूद थे।
BRO का वाहन और चालक लापता
हादसे के दौरान BRO का एक वाहन भी बहाव की चपेट में आ गया। वाहन के साथ उसका चालक भी लापता बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही प्रशासन ने खोज अभियान शुरू कर दिया और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को मौके पर रवाना किया गया। राहत दल लगातार लापता चालक और वाहन की तलाश में जुटे हैं।
15 से 16 गांवों का संपर्क प्रभावित
पुल बह जाने के कारण तमक नाला के दूसरी ओर बसे करीब 15 से 16 गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है। प्रशासन का कहना है कि इन क्षेत्रों तक जरूरी सेवाएं पहुंचाने और वैकल्पिक संपर्क व्यवस्था तैयार करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।
BRO और ITBP के साथ समन्वय
जिला प्रशासन लगातार BRO के संपर्क में है और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। वहीं भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के साथ भी समन्वय बढ़ाया गया है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जल्द आकलन किया जा सके और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता पहुंचाई जा सके।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर फोकस
प्रशासन यह भी पता लगा रहा है कि प्रभावित इलाके में कितने पर्यटक मौजूद हैं। अधिकारियों के अनुसार स्थानीय लोगों और पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और संपर्क व्यवस्था जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास जारी हैं।

