नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक प्रेरक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए जीवन को सफल और सार्थक बनाने वाले आठ महत्वपूर्ण गुणों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का चरित्र, ज्ञान, अनुशासन और कृतज्ञता जैसे गुण ही उसे समाज में विशिष्ट पहचान दिलाते हैं।
इन आठ गुणों से निखरता है व्यक्तित्व
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि बुद्धि जीवन की सही दिशा दिखाती है, जबकि सदाचार व्यक्ति के आचरण को श्रेष्ठ बनाता है। संयम मनुष्य को अनुशासित रखता है और ज्ञान उसे सही-गलत का विवेक प्रदान करता है। उन्होंने आगे कहा कि वीरता कठिन परिस्थितियों में भी व्यक्ति को दृढ़ बनाए रखती है, प्रभावशाली वाणी समाज में सम्मान दिलाती है, अपनी क्षमता के अनुसार दान करना उदारता का परिचायक है और उपकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्तित्व को पूर्णता प्रदान करती है।
संस्कृत श्लोक के माध्यम से दिया जीवन का संदेश
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के साथ संस्कृत का यह सुभाषित भी साझा किया—
‘अष्टौ गुणाः पुरुषं दीपयन्ति प्रज्ञा सुशीलत्वदमौ श्रुतं च।
पराक्रमश्च बहुभाषिता च दानं यथाशक्ति कृतज्ञता च।।’
इस श्लोक का भावार्थ है कि बुद्धिमत्ता, उत्तम चरित्र, आत्मसंयम, ज्ञान, पराक्रम, प्रभावशाली वाणी, सामर्थ्य के अनुसार दान और कृतज्ञता जैसे आठ गुण व्यक्ति के जीवन को प्रकाशमान बनाते हैं।
लगातार साझा कर रहे हैं प्रेरणादायी संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया के माध्यम से संस्कृत सुभाषित और उनके सरल हिंदी भावार्थ साझा कर रहे हैं। सोमवार को भी उन्होंने एक वैदिक मंत्र साझा करते हुए सत्य सुनने, कल्याणकारी विचार अपनाने, स्वस्थ जीवन जीने और समाज के हित में कार्य करने का संदेश दिया था।
इससे पहले 7 अगस्त को साझा किए गए एक अन्य सुभाषित में प्रधानमंत्री ने निस्वार्थ परोपकार की भावना को जीवन का सर्वोच्च गुण बताते हुए कहा था कि जैसे चंद्रमा बिना किसी स्वार्थ के अपनी चांदनी फैलाता है, उसी प्रकार महान व्यक्तित्व वाले लोग बिना किसी अपेक्षा के दूसरों का भला करते हैं।

