रांची। जेपीएससी में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मंगलवार देर रात रांची में माहौल अचानक गर्म हो गया। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के पास चल रहे धरना स्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने से हलचल मच गई। छात्रों का आरोप है कि पुलिस उन्हें रात के अंधेरे में धरना समाप्त करने के लिए दबाव बनाने पहुंची थी। हालांकि, प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अधिकारियों का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना था।
अधिकारियों के पहुंचते ही मौके पर पहुंचे भाजपा नेता
धरना स्थल पर प्रशासनिक टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही भाजपा विधायक राज सिन्हा सहित कई विपक्षी नेता भी वहां पहुंच गए। इसके बाद अधिकारियों, छात्र प्रतिनिधियों और नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत चली। इस दौरान विधानसभा मार्च के बाद बने हालात और आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और धरना जारी है।
भाजपा ने लगाए छात्रों को डराने के आरोप
भाजपा विधायक राज सिन्हा ने आरोप लगाया कि प्रशासन देर रात छात्रों को डराने और धरना स्थल खाली कराने के इरादे से पहुंचा था। उनका कहना था कि यदि प्रशासन को कोई कार्रवाई करनी है तो उसे खुले तौर पर दिन में करनी चाहिए, न कि रात के समय जब छात्र असुरक्षित महसूस करें।
भाजपा नेता अमर कुमार बाउरी ने भी आरोप लगाया कि पुलिस छात्रों को जबरन हटाने की तैयारी में थी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर इस तरह दबाव बनाना उचित नहीं है।
पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही ने भी प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों पर आधी रात दबाव बनाने की कोशिश स्वीकार्य नहीं है और आंदोलनकारी अकेले नहीं हैं।
छात्र नेताओं ने दोहराई सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग
छात्र नेता राजेश प्रसाद ने बताया कि देर रात वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से बातचीत की और उनकी जानकारी ली। इसके बाद जेएसएससी सीजीएल अभ्यर्थियों से भी चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग तथ्यों पर आधारित है। उनका दावा है कि सीआईडी जांच में कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं, लेकिन संबंधित रिपोर्ट पूरी तरह अदालत में पेश नहीं की गई। छात्रों ने सरकार से मांग की है कि जांच रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए और उचित कार्रवाई की जाए।
प्रशासन ने दी सफाई, कहा- सुरक्षा जांच के लिए पहुंचे थे अधिकारी
पुलिस और प्रशासन ने छात्रों के आरोपों को खारिज किया है। सिटी एसपी पारस राणा ने कहा कि सूचना मिली थी कि धरना स्थल पर कुछ बाहरी और संदिग्ध लोग मौजूद हो सकते हैं। इसी वजह से अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कुछ छात्रों से बातचीत की।
वहीं, सीओ शिव शंकर पांडे ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना था कि आंदोलन में कोई असामाजिक तत्व शामिल न हो। उन्होंने बताया कि छात्रों का बुनियादी विवरण एकत्र करने का मकसद सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना और किसी भी अवांछित गतिविधि पर नजर रखना है। उनके अनुसार, जिला प्रशासन और छात्र मिलकर आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।
धरना जारी, मांगों पर अड़े छात्र
प्रशासन और छात्र नेताओं के बीच बातचीत के बावजूद आंदोलन फिलहाल जारी है। छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस आंदोलन की दिशा प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

