बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के नवाबगंज क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में हुई दर्दनाक घटना ने मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आर्य हॉस्पिटल एंड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में एक्सरे की प्रक्रिया के दौरान भारी मशीन अचानक एक बुजुर्ग मरीज के ऊपर गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
इलाज के लिए भर्ती थे बुजुर्ग, जांच के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, शाहपुरजी सुखराय गांव निवासी 70 वर्षीय मिश्रीलाल उर्फ लाला प्रसाद को पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की सलाह पर मंगलवार को उनकी एक्सरे जांच की जा रही थी। इसी दौरान अचानक एक्सरे मशीन उनके ऊपर गिर गई। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और काफी प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मौत के बाद परिजनों का फूटा गुस्सा
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन और अन्य लोग अस्पताल में एकत्र हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया।
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने शुरू की जांच
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस अस्पताल के कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मशीन किन परिस्थितियों में गिरी।
तकनीकी खराबी या लापरवाही, जांच के बाद होगा खुलासा
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हादसा मशीन में तकनीकी खराबी, गलत तरीके से स्थापना, रखरखाव में कमी या किसी अन्य कारण से हुआ। फोरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद अस्पतालों में भारी चिकित्सा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। परिजनों का कहना है कि इलाज के लिए अस्पताल आने वाले मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

