रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन 21 दिन बाद भी थमता नजर नहीं आ रहा है। छात्रों ने अब आंदोलन को राज्यव्यापी स्तर पर और तेज करने का फैसला किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
16 अगस्त को पूरे झारखंड में पुतला दहन, सरकार के खिलाफ बढ़ेगा विरोध
छात्र नेताओं के अनुसार, रविवार 16 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। छात्रों का आरोप है कि JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रही है।
इस प्रदर्शन के जरिए छात्र सरकार पर दबाव बढ़ाने की तैयारी में हैं। आंदोलनकारियों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
JSSC-CGL परीक्षा रद्द और CBI जांच की मांग, 20 अगस्त को बड़ा प्रदर्शन
छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना और पूरे मामले की CBI से जांच कराना शामिल है। इसी मांग को लेकर 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया गया है।
JPSC-JSSC सुधार मंच के मुताबिक, बड़ी संख्या में युवा 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के सामने पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे और कथित परीक्षा अनियमितताओं पर सरकार से जवाब मांगेंगे।
पहली बार मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठी
आंदोलन के दौरान छात्रों ने अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से आंदोलन चलने के बावजूद यदि उनकी शिकायतों पर निर्णायक कदम नहीं उठाया जाता है, तो सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
राहुल गांधी से भी छात्रों की नाराजगी, समर्थन वापस लेने की मांग
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि यदि राज्य सरकार छात्रों की बात नहीं सुन रही है, तो राहुल गांधी को सरकार को दिए जा रहे समर्थन पर पुनर्विचार करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ खड़े होने की बात कहकर उन्हें केवल आश्वासन नहीं दिया जाना चाहिए, बल्कि उनकी मांगों के समर्थन में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
सरकार पर दबाव बढ़ाने की रणनीति, आंदोलनकारी बोले मांग पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है। छात्रों ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ झामुमो और कांग्रेस गठबंधन उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है।
अब 16 अगस्त के पुतला दहन और 20 अगस्त के मुख्यमंत्री आवास घेराव के जरिए आंदोलन को नई दिशा देने की तैयारी है। छात्रों का कहना है कि जब तक परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर स्पष्ट कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

