मुक्तसर: पंजाब के मालोट शहर में रंगदारी वसूलने के इरादे से घर पर की गई कथित फायरिंग के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से पहुंचे थे और स्टार सिटी कॉलोनी स्थित एक मकान को निशाना बनाकर गोलियां चलाई थीं।
पुलिस ने दोनों को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। जांच में कथित तौर पर एक ऐसे व्यक्ति का नाम भी सामने आया है, जिस पर इस वारदात की साजिश रचने का आरोप है और जो फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में रह रहा है।
22 जुलाई की फायरिंग ने मचा दी थी दहशत
पुलिस के मुताबिक, 22 जुलाई को मालोट की स्टार सिटी कॉलोनी में मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने एक घर के बाहर फायरिंग की थी। मकान मालिक दिल्ली में रहते हैं और घटना की जानकारी उनके माली की शिकायत के आधार पर पुलिस तक पहुंची।
मामले में शुरुआत में BNS की धारा 125 और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई थी। जांच आगे बढ़ने के साथ BNS की धारा 308(5), 351(3) और 61(2) भी जोड़ी गईं।
ऑस्ट्रेलिया में बैठे गुरजंट सिंह पर साजिश का आरोप
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि फायरिंग की योजना खरड़ निवासी गुरजंट सिंह उर्फ जनता ने बनाई थी। पुलिस के अनुसार, वह वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में रह रहा है।पुलिस का दावा है कि जनता ने ही दोनों कथित शूटर्स को फायरिंग करने के लिए कहा था। जांच एजेंसी उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और इस मामले में उसकी कथित भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
गुरुग्राम से पकड़े गए दोनों कथित शार्पशूटर
पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान हरियाणा के सोनीपत जिले के गामरी गांव निवासी निगम उर्फ देवा और खानपुर कलां निवासी रविंदर उर्फ बाइंडर के रूप में हुई है।दोनों को शुक्रवार को गुरुग्राम से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में दोनों की पहचान घटना में शामिल मुख्य शूटर्स के रूप में हुई है।
हरियाणा और राजस्थान में भी दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उनके खिलाफ हरियाणा और राजस्थान में आर्म्स एक्ट, चोरी और झपटमारी से जुड़े मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर पैसों के लिए आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की बात बताई है।
चार दिन की पुलिस रिमांड, हथियार और बाइक की तलाश
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। अब पुलिस उनसे वारदात में इस्तेमाल हथियार और मोटरसाइकिल बरामद करने का प्रयास कर रही है।इसके साथ ही जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल थे और आरोपियों को किस माध्यम से निर्देश दिए गए थे।
रंगदारी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस
पुलिस अब फायरिंग के पीछे की पूरी साजिश और कथित रंगदारी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। मुख्य साजिशकर्ता की भूमिका, आरोपियों के संपर्क और पैसों से जुड़े लेनदेन की भी जांच की जा सकती है।फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और खुलासे हो सकते हैं।

