वाराणसी: कैंट थाना क्षेत्र के भोजूबीर इलाके में कैफे संचालक ने कुछ युवकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है। पीड़ित के मुताबिक, देर रात कुछ युवक कथित तौर पर नशे की हालत में कैफे पहुंचे और वहां हंगामा करते हुए मारपीट व तोड़फोड़ की। आरोप है कि युवकों ने जातिसूचक गाली-गलौज की, हर महीने पांच हजार रुपये देने की मांग की और विरोध करने पर धमकी दी। कैफे संचालक ने अपनी कार में आग लगाए जाने का आरोप भी लगाया है।शिकायत मिलने के बाद कैंट पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आधी रात कैफे पहुंचे युवक, सो रहे संचालक के साथ विवाद का आरोप
सरसौली भोजूबीर निवासी आदित्य सोनकर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह कैफे चलाते हैं। उनके अनुसार, 12 अगस्त की रात करीब 12 बजे वह अपने ममेरे भाई के साथ कैफे में सो रहे थे।
आरोप है कि इसी दौरान बिना नंबर की कार से कुछ युवक वहां पहुंचे। पीड़ित के मुताबिक, युवक नशे की हालत में थे और कैफे पहुंचते ही विवाद करने लगे।
तोड़फोड़ के साथ मारपीट और धमकी देने का आरोप
आदित्य सोनकर ने शिकायत में आरोप लगाया कि युवकों ने कैफे के भीतर घुसकर उनके साथ मारपीट की और वहां रखे सामान को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कैफे में काफी तोड़फोड़ किए जाने का भी दावा किया है।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उसके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की गई। शिकायत के मुताबिक, युवकों ने हर महीने पांच हजार रुपये देने की मांग की और रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
शिकायत में कई युवकों के नाम, पुलिस अब जुटा रही साक्ष्य
पीड़ित ने अपनी तहरीर में कई लोगों के नाम भी बताए हैं। इनमें अभिषेक रघुवंशी उर्फ पप्पू, सन्नी सिंह, आदित्य रघुवंशी, अरुण सिंह, शशिभूषण उपाध्याय उर्फ चूंडी, अभिजीत ओझा, अंशुमान सिंह और शाश्वत पांडेय समेत अन्य लोगों का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले आरोपों को लेकर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। नामजद लोगों की भूमिका भी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
कार में आग लगाने की शिकायत ने बढ़ाई मामले की गंभीरता
कैफे संचालक ने अपनी कार में आग लगाए जाने का आरोप भी लगाया है। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो मामला और गंभीर हो सकता है।
पुलिस घटना की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वाहन में आग कैसे लगी तथा इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों से मिल सकते हैं अहम सुराग
पुलिस शिकायतकर्ता के बयान के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है। आसपास CCTV कैमरे लगे होने की स्थिति में उनकी फुटेज खंगाली जा सकती है।
इसके अलावा पुलिस उस समय इलाके में मौजूद लोगों से पूछताछ कर घटना का क्रम समझने का प्रयास करेगी। कैफे में हुई कथित तोड़फोड़ और वाहन को नुकसान पहुंचाने के आरोपों से जुड़े भौतिक साक्ष्य भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं।
व्यापारियों में चिंता, क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग
घटना की चर्चा के बाद स्थानीय कारोबारियों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता दिखाई दे रही है। व्यापारियों का कहना है कि जबरन वसूली और धमकी जैसी घटनाओं से कारोबारियों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
आरोपों की सच्चाई जांच के बाद सामने आएगी
कैंट थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल मारपीट, तोड़फोड़, जातिसूचक टिप्पणी, रंगदारी की मांग और वाहन में आग लगाने समेत लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तारी समेत किसी भी अन्य कार्रवाई का फैसला जांच के परिणाम के आधार पर होगा।

