बिहार : लखीसराय जिले में सावन के तीसरे सोमवार की सुबह अशोकधाम मंदिर के पास दर्दनाक हादसा हो गया। श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें कम से कम 7 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है और 12 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए थे। कुछ अधिकारियों ने पहले 6 मौतों की जानकारी दी, जबकि बाद की रिपोर्टों में यह संख्या 7 बताई गई। घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच अभी जारी है।
हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच अचानक बिगड़े हालात
सावन सोमवार के कारण सुबह से ही अशोकधाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 50 हजार लोग जलाभिषेक के लिए मंदिर क्षेत्र में पहुंचे थे। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई और कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए।
स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया और राहत तथा बचाव कार्य शुरू किया गया।
एक खंभे को लेकर फैली सूचना से बढ़ी दहशत
हादसे की वजह को लेकर शुरुआती जानकारी में अलग-अलग बातें सामने आई हैं। अधिकारियों के हवाले से आई रिपोर्टों में बताया गया कि एक बिजली के खंभे के गिरने की सूचना के बाद लोगों में करंट फैलने की आशंका को लेकर घबराहट पैदा हुई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि अशोकधाम हॉल्ट पर एक साथ दोनों दिशाओं से ट्रेनों के आने के कारण आसपास अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया। इसके बाद खंभा गिरने और करंट फैलने की अफवाह ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा, अस्पतालों में पहुंचाए गए घायल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन और मेडिकल टीमें सक्रिय हो गईं। घायलों को लखीसराय सदर अस्पताल सहित आसपास के चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया गया।
प्रशासन की ओर से घटनास्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने और राहत कार्य चलाने पर जोर दिया गया है। हादसे के बाद मंदिर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।
मौतों और घायलों की संख्या पर अभी पूरी तस्वीर साफ नहीं
इस हादसे के तुरंत बाद अलग-अलग स्रोतों से मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए। आधिकारिक शुरुआती जानकारी में 6 मौतों का उल्लेख था, जबकि बाद के अपडेट में मृतकों की संख्या 7 बताई गई। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में घायलों की संख्या 12 से अधिक बताई गई है।
ऐसे में अंतिम आंकड़े प्रशासन की विस्तृत पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होंगे। घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भीड़ किस वजह से अचानक बेकाबू हुई।
सावन के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक पर उठे सुरक्षा के सवाल
अशोकधाम स्थित श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर में सावन के सोमवार पर हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी भारी भीड़ के बीच हुई घटना ने धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसे ने यह भी दिखाया कि हजारों लोगों की मौजूदगी वाले धार्मिक आयोजनों में प्रवेश और निकासी व्यवस्था, भीड़ की गति पर नियंत्रण, रेलवे क्षेत्र के आसपास सुरक्षा तथा किसी अफवाह की स्थिति में तत्काल सूचना तंत्र कितना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल पूरा प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है। हादसे की जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि घटनाक्रम की शुरुआत किस वजह से हुई और इतनी बड़ी भीड़ के बीच स्थिति को समय रहते क्यों नहीं संभाला जा सका।

