धार। नागपंचमी के दिन मध्यप्रदेश के धार जिले के गंधवानी तहसील अंतर्गत साली गांव में आस्था और कौतूहल का अनोखा माहौल देखने को मिल रहा है। गांव में पिछले 7 से 8 दिनों से एक नाग कथित तौर पर एक ही स्थान पर मौजूद है। लोगों की आवाजाही, पूजा-पाठ और आसपास की हलचल के बावजूद उसके स्थान नहीं बदलने से ग्रामीण इसे विशेष घटना मानकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
लोगों की बढ़ती भीड़ के बीच भी नहीं बदली जगह
ग्रामीणों के मुताबिक नाग को वहां से हटाने की कोशिश भी की गई, लेकिन वह अपनी जगह से नहीं हटा। इसके बाद धीरे-धीरे यह बात आसपास के गांवों तक पहुंच गई और लोग नाग के दर्शन के लिए साली पहुंचने लगे।
रोजाना बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से मौके पर भीड़ जमा हो रही है। ढोल-नगाड़ों और पूजा-पाठ के बीच भी नाग के उसी स्थान पर बने रहने को ग्रामीण असाधारण मान रहे हैं।
नागपंचमी पर सुबह से पहुंच रहे श्रद्धालु
नागपंचमी के अवसर पर सोमवार सुबह से ही साली गांव में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ गई। आसपास के गांवों के साथ दूर-दराज के इलाकों से भी लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु नाग के सामने फूल, दूध और लड्डू चढ़ाकर पूजा कर रहे हैं तथा मन्नत मांग रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने नाग के आसपास के स्थान की साफ-सफाई कर दी है और उसे पूजा स्थल जैसा रूप दे दिया है।
ग्रामीणों के लिए बना आस्था का केंद्र
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं देखी, जब इतनी भीड़ और लगातार हलचल के बावजूद कोई सांप इतने लंबे समय तक एक ही जगह पर मौजूद रहा हो। इसी वजह से ग्रामीण इसे नाग देवता की विशेष उपस्थिति मानकर श्रद्धा के साथ पूजा कर रहे हैं।
विशेषज्ञों की जांच से मिल सकता है वैज्ञानिक कारण
सर्प विशेषज्ञों के अनुसार सांप किसी स्थान पर भोजन, तापमान, सुरक्षित आश्रय या प्रजनन से जुड़ी परिस्थितियों के कारण कुछ समय तक रह सकता है। हालांकि किसी सांप का कई दिनों तक भीड़-भाड़ वाले स्थान पर बने रहना असामान्य प्रतीत हो सकता है। इसके पीछे वास्तविक कारण क्या है, यह विशेषज्ञों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल वन विभाग या किसी सर्प विशेषज्ञ की टीम के मौके पर पहुंचने की जानकारी नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों की आस्था के बीच सबसे जरूरी यह है कि नाग को परेशान न किया जाए और उसकी सुरक्षा के साथ लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए।

