अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। ट्रस्ट की ओर से अब तक इस पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की गई थी। ऐसे में जिस अधिकारी को जिम्मेदारी मिलेगी, वह ट्रस्ट का पहला सीईओ होगा।
मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले के बाद मंदिर की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं को लेकर सीईओ की नियुक्ति की चर्चा तेज हुई थी। इसके बाद ट्रस्ट ने चयन प्रक्रिया शुरू की।
16 उम्मीदवारों के इंटरव्यू के बाद तीन नाम आगे
जानकारी के अनुसार चयन प्रक्रिया के दौरान 16 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया। इनमें से तीन नामों को अंतिम पैनल के लिए चुने जाने की चर्चा है। चयन समिति उम्मीदवारों के प्रशासनिक अनुभव, कार्यक्षमता और मंदिर से जुड़ी भविष्य की व्यवस्थाओं को संभालने की क्षमता के आधार पर नाम तय कर रही है।
अब इन तीन नामों में से किसी एक पर अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक में होने की संभावना है।
कौन से नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं
सीईओ पद के लिए जिन नामों की चर्चा है, उनमें पूर्व आईएएस अधिकारी योगेश्वर राम मिश्र, दिनेश चंद्र और पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय शामिल हैं।
योगेश्वर राम मिश्र अयोध्या के जिलाधिकारी रह चुके हैं, जबकि दिनेश चंद्र जौनपुर के जिलाधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। राजेश पांडेय भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी हैं। तीनों के प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए इन्हें इस जिम्मेदारी के लिए संभावित दावेदार माना जा रहा है।
2 सितंबर की बैठक पर टिकी नजर
मंदिर से जुड़े सूत्रों के मुताबिक चयन समिति अंतिम पैनल ट्रस्ट के समक्ष रखेगी। इसके बाद ट्रस्ट की बैठक में सीईओ के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि 2 सितंबर को होने वाली बैठक के आसपास नए सीईओ के नाम की घोषणा हो सकती है।
हालांकि अंतिम फैसला ट्रस्ट की स्वीकृति के बाद ही स्पष्ट होगा।
प्रवक्ता की जिम्मेदारी में भी बदलाव संभव
सीईओ की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में एक और बदलाव की चर्चा है। राजपरिवार से जुड़े यतींद्र मोहन मिश्रा को ट्रस्टी के साथ प्रवक्ता की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना भी बताई जा रही है।
अगर सीईओ की नियुक्ति होती है तो यह राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव होगा, क्योंकि पहली बार एक समर्पित मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदिर की व्यवस्थाओं और उससे जुड़े प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी संभालेगा।

