जालौन : उरई में संयुक्त मजिस्ट्रेट और एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित एडिटेड वीडियो को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनके स्वतंत्रता दिवस संबोधन के मूल वीडियो में काट छांट कर एक हिस्से को अलग संदर्भ में पेश किया गया और जानबूझकर उनकी सामाजिक तथा प्रशासनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
राही ने 17 अगस्त को उरई कोतवाली में शिकायती पत्र देकर वीडियो तैयार करने, एडिट करने और उसे सोशल मीडिया तथा पेड मीडिया के जरिए प्रसारित करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। शिकायत के बाद क्षेत्राधिकारी नगर को मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मूल संबोधन में क्या था, जिसे लेकर अब विवाद खड़ा हो गया
शिकायत के मुताबिक 15 अगस्त को कलेक्ट्रेट सभागार में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान रिंकू सिंह राही का संबोधन रिकॉर्ड किया गया था।राही का कहना है कि उन्होंने अपने संबोधन में भगत सिंह का उदाहरण अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका को समझाने तथा उनके सपनों के अनुरूप राष्ट्र निर्माण के संदर्भ में दिया था। आरोप है कि मूल वीडियो से कुछ हिस्से काटकर संबोधन को ऐसे संदर्भ में प्रसारित किया गया, जिससे उनके बयान का अर्थ अलग दिखाई देने लगा।उन्होंने इसे अपनी सामाजिक और प्रशासनिक प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाला कृत्य बताया है।
जांच में अब मूल वीडियो और CCTV फुटेज भी अहम होंगे
राही ने पुलिस से केवल वीडियो प्रसारित करने वालों पर कार्रवाई की मांग नहीं की, बल्कि इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान करने की भी अपील की है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की मूल वीडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखा जाए, ताकि एडिट किए गए वीडियो और मूल फुटेज के बीच वास्तविक अंतर सामने आ सके।इसके साथ ही उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार की CCTV फुटेज को भी सुरक्षित कर जांच में शामिल करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि इससे पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने लाने में मदद मिल सकती है।
पुरानी कार्रवाई का जिक्र कर राही ने लगाए साजिश के आरोप
राही ने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायत और मामले से जुड़ी प्रतिक्रिया साझा करते हुए अपने पूर्व कार्यकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने तहसील जालौन में कोल्ड स्टोरेज की जांच और सरकारी तथा नजूल भूमि से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जिक्र किया।उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ लगातार षड्यंत्र किए जा रहे हैं और कुछ लोग उनकी एक गलती का इंतजार कर रहे हैं। राही ने यह भी दावा किया कि 17 अगस्त को वरिष्ठ कोषाधिकारी, जालौन ने उनका पत्र लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने फोन के जरिए संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी।
पुलिस के जवाब के बाद मामला एक और दिशा में बढ़ा
जालौन पुलिस ने सोशल मीडिया पर राही की शिकायत के संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए क्षेत्राधिकारी नगर को निर्देशित किया गया है।पुलिस के इस जवाब के बाद राही ने थानाध्यक्ष उरई के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठा दी। उन्होंने सवाल किया कि यदि एक संयुक्त मजिस्ट्रेट की शिकायत तक दर्ज नहीं की गई, तो इसके लिए जिम्मेदार थानाध्यक्ष के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए।फिलहाल मामले में पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट होना बाकी है कि वीडियो में वास्तव में किस स्तर पर एडिटिंग हुई, इसे किसने प्रसारित किया और इसके पीछे किसी सुनियोजित प्रयास की भूमिका थी या नहीं। मूल रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की जांच इस पूरे विवाद की दिशा तय करने में अहम मानी जा रही है।

