WhatsApp अपनी सबसे बड़ी प्राइवेसी अपडेट्स में से एक पर काम कर रहा है: यूज़रनेम (username/handle) सिस्टम, जिससे लोगों को नए संपर्कों से चैट करते समय अपना फोन नंबर ज़ाहिर न करना पड़ेगा। बीटाओं और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह फीचर अभी परीक्षण के चरण में है और कंपनी इसे अगले महीनों में रोल-आउट कर सकती है — यानी कुछ उपयोगकर्ताओं को अगले साल के आसपास यह सुविधा मिल सकती है।
यूज़रनेम सिस्टम कैसे काम करेगा — शुरुआती विवरण बताते हैं कि यूज़र्स एक यूनिक हैंडल चुन सकेंगे जो टेलीग्राम/इंस्टाग्राम-स्टाइल होगा; उस हैंडल के जरिए नए लोग आपसे संपर्क कर पाएंगे बिना आपका मोबाइल नंबर देखे। रिपोर्ट्स में यूज़रनेम के लिए कुछ नियम भी सामने आए हैं — उदाहरण के लिए कम से कम एक अक्षर होना चाहिए, केवल लोअर-केस लेटर्स, नंबर, अंडरस्कोर और डॉट की ही इजाज़त होगी, और डुप्लिकेट हैंडल्स नहीं होने चाहिए। इन विनियमों का उद्देश्य फेक प्रोफाइल और स्कैम को रोकना है।
कंपनी के नाविक बिंदु — पर ध्यान देने योग्य है कि WhatsApp पहले से ही कुछ मामलों में व्यवसायों के साथ नंबर-प्राइवेसी से जुड़ी सुविधाएँ दे रहा है (जैसे कुछ बिजनेस चैट में नंबर छिपना)। नया यूज़रनेम-आधारित तरीका आम उपयोगकर्ताओं के लिए फोन-नंबर-हिडिंग को बहुत व्यापक और नियंत्रित तरीके से सम्भव बनाएगा। हालांकि अभी तक Meta/WhatsApp ने सभी के लिए आधिकारिक लॉन्च तारीख की घोषणा नहीं की है; फीचर फिलहाल बीटा रिपोर्ट्स और स्क्रीनशॉट्स के आधार पर उजागर हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूज़रनेम फीचर से प्राइवेसी बढ़ेगी, स्पैम-और-स्कैम के खतरे कम होंगे, और सार्वजनिक प्रोफाइल या समूहों में नंबर एक्सपोज़र रोका जा सकेगा — मगर यह भी जरूरी होगा कि WhatsApp मजबूत सत्यापन और यूज़र रिपोर्टिंग टूल के साथ इस सिस्टम को जारी करे ताकि फेक हैंडल और दुरुपयोग पर असरदार नियंत्रण रहे। उपभोक्ताओं को सुझाव है कि फीचर आने पर हैंडल चुनते समय सावधानी बरतें और अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स की जाँच करें।